जयपुर | राजधानी जयपुर के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए 11 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह ई-मित्र आईडी दिलाने और रोजगार उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से हजारों रुपये की ठगी करता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और हजारों लोगों का डेटा भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, सिंधी कॉलोनी स्थित रॉयल अपार्टमेंट में संचालित इस कॉल सेंटर से 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया, ऑनलाइन विज्ञापनों और फोन कॉल के माध्यम से बेरोजगार युवाओं तथा ई-मित्र सेंटर शुरू करने के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
आरोपियों द्वारा पीड़ितों से ई-मित्र आईडी और रोजगार उपलब्ध कराने के नाम पर करीब 40 हजार से 70 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। रकम लेने के बाद न तो कोई आईडी उपलब्ध कराई जाती थी और न ही रोजगार दिलाया जाता था। शिकायत करने या संपर्क करने पर आरोपी फोन बंद कर देते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह पिछले 2 से 3 वर्षों से सक्रिय था। साइबर पोर्टल पर इसके खिलाफ पहले से शिकायतें दर्ज हैं और आशंका है कि पीड़ितों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके से 4,000 से अधिक लोगों का रिकॉर्ड और डेटा बरामद हुआ है। पुलिस अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है और बैंक खातों के माध्यम से हुए आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर ठगी नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
मुख्य बिंदु:
– जयपुर में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा।
– 11 युवक-युवतियां हिरासत में।
– 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल जब्त।
– ई-मित्र आईडी और नौकरी के नाम पर कथित ठगी।
– 4,000 से अधिक लोगों का डेटा बरामद।
– डिजिटल साक्ष्यों और बैंक लेन-देन की जांच जारी।