सिरोही: शिवगंज और अरठवाड़ा में कृषि विभाग की टीम का निरीक्षण, उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक व बिक्री रिकॉर्ड की जांच

सिरोही: शिवगंज और अरठवाड़ा में कृषि विभाग की टीम का निरीक्षण, उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक व बिक्री रिकॉर्ड की जांच
सिरोही | 22 अक्टूबर 2026 राजस्थान के सिरोही जिले में किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कृषि विभाग ने निरीक्षण अभियान चलाया। इसके तहत शिवगंज और अरठवाड़ा में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। अधिकारियों ने विक्रेताओं को विभागीय नियमों का पालन करने और किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

🔎 स्टॉक रजिस्टर और पॉस मशीन की जांच

कृषि विभाग की टीम ने क्रय-विक्रय सहकारी समिति शिवगंज तथा अरठवाड़ा स्थित रत्नेश्वर एग्रो सेंटर के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा का रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक से मिलान किया गया।

अधिकारियों ने पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और मौके पर उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा का सत्यापन कर रिकॉर्ड संधारण की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे खरीद-बिक्री का पूरा विवरण नियमानुसार दर्ज करें और स्टॉक से संबंधित रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखें।

🌾 निर्धारित दर पर खाद बेचने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराया जाए और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिए गए कि उर्वरक प्राप्त करने के लिए किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, उर्वरक वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी का उद्देश्य किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्टॉक और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना है।

👨‍🌾 इन अधिकारियों की टीम ने किया निरीक्षण

निरीक्षण दल में निम्न अधिकारी शामिल रहे:
टी.के. जोशी — अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार)
विनोद कुमार बैरवा — कृषि अधिकारी (मिशन)
नाथू सिंह — कृषि अधिकारी (उद्यान)
करण सिंह — कृषि अधिकारी (फसल)

📢 किसानों के हितों पर विभाग का जोर

कृषि विभाग की इस कार्रवाई के माध्यम से उर्वरक विक्रेताओं को नियमों के अनुरूप कारोबार करने, स्टॉक का सही हिसाब रखने और किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। नियमित निरीक्षण से उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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