आबूरोड: शांतिवन में वैश्विक शिखर सम्मेलन, आध्यात्मिक जागृति से विश्व नवनिर्माण का संदेश

आबूरोड में मामा नटुंग का बड़ा बयान: “क्लाइमेट चेंज का समाधान केवल भारत के पास”

सिरोही: राजस्थान के आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में आयोजित चार दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों ने आध्यात्मिक जागृति, मानवता की सेवा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए। सम्मेलन में छह हजार से अधिक लोगों की भागीदारी रही।

मामा नटुंग ने भारत की भूमिका पर दिया जोर

सम्मेलन के प्लेनरी सेशन में अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री एवं अंतर्राज्यीय सीमा मामलों के मंत्री मामा नटुंग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक विरासत विश्व की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में भारत की क्षमता और ब्रह्माकुमारीज़ के आध्यात्मिक प्रयासों की सराहना की।
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पत्रकारों से बातचीत के दौरान नटुंग ने भारत की सीमाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि चीन भारत की एक इंच जमीन भी नहीं ले पाएगा। उनके इस बयान ने सम्मेलन के दौरान विशेष ध्यान आकर्षित किया।
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संजय पासवान ने दिया मानवता की सेवा का संदेश

पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान ने कहा कि आध्यात्मिकता व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ की लंबे समय से चली आ रही आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवाओं का उल्लेख करते हुए लोगों से इसके सकारात्मक गुणों को जीवन में अपनाने और मानवता के कल्याण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
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दीपक वोहरा बोले—भारत की आवाज आज दुनिया सुनती है

भारतीय विदेश सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं पूर्व राजदूत दीपक वोहरा ने भारत की जनशक्ति, शिक्षा और कृषि क्षमता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज भारत एक सशक्त राष्ट्र के रूप में वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने देश की कृषि क्षमता और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या को भारत की ताकत बताया।

आध्यात्मिकता, योग और सेवा पर भी मंथन

सम्मेलन में ब्रह्माकुमारीज़ की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके संतोष दीदी ने आशीर्वचन दिए। वाराणसी से आईं महामंडलेश्वर मुक्तेश्वरी गिरि महाराज ने सेवा और सरलता को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य बताया। बेंगलुरु के विधायक दिनेश गुंडु राव ने संस्थान के शांति एवं सद्भाव के प्रयासों की सराहना की।

वहीं, न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अतुलाभ बाजपेयी ने योग और एकाग्रता के महत्व पर प्रकाश डाला। ब्रह्माकुमारीज़ ऑस्ट्रेलिया एवं एशिया के क्षेत्रीय निदेशक ब्रह्माकुमार चार्ली हॉग ने राजयोग मेडिटेशन को भारत की महत्वपूर्ण आध्यात्मिक देन बताया। जयपुर की राजयोगिनी सुषमा दीदी ने प्रतिभागियों को राजयोग साधना का अनुभव कराया।
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कई प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में पर्वतारोही डॉ. मनस्वी अग्रवाल का विशेष सम्मान किया गया। इसके अलावा उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल, राजस्थान सरकार के कृषि एवं पंचायती राज विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल, उद्योग जगत से जुड़ी हस्तियों और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
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मेडिकल विंग के सचिव डॉ. बनारसीलाल शाह ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन जयपुर की बीके चंद्रकला दीदी ने किया।

सम्मेलन का मुख्य संदेश आध्यात्मिक जागृति, मानवता की सेवा, आपसी सद्भाव और विश्व कल्याण के माध्यम से बेहतर समाज के निर्माण पर केंद्रित रहा।

आबूरोड: शांतिवन में वैश्विक शिखर सम्मेलन, आध्यात्मिक जागृति से विश्व नवनिर्माण का संदेश

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