कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अल्का जोशी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र महात्मा, मनोचिकित्सक डॉ. जय प्रकाश कुमावत एवं कॉलेज की प्राचार्य श्री अनिमोल मनु सहित विद्यार्थी एवं कॉलेज स्टाफ उपस्थित रहे।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री अजय शर्मा ने विद्यार्थियों को विधिक सहायता क्लिनिक के उद्देश्य एवं उपयोगिता की जानकारी देते हुए कहा कि क्लिनिक के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आमजन को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं उचित विधिक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
रैगिंग के खिलाफ जागरूक किया, कॉलेज को रैगिंग मुक्त बनाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों एवं इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों से आपसी भाईचारे एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा कॉलेज परिसर को रैगिंग मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना होने पर तत्काल कॉलेज प्रशासन को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला-बाल अधिकार से लेकर साइबर अपराध तक दी जानकारी
विद्यार्थियों को महिला एवं बाल अधिकार, बाल विवाह की रोकथाम, घरेलू हिंसा से संरक्षण, साइबर अपराधों से बचाव, शिक्षा एवं श्रमिकों के अधिकार तथा मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया।
सचिव श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक ने बताया कि विधिक सहायता क्लिनिक के माध्यम से विद्यार्थियों को समय-समय पर विधिक जागरूकता, परामर्श एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी स्वयं कानूनी रूप से जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज के जरूरतमंद लोगों तक भी विधिक जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पीएमओ डॉ. वीरेन्द्र महात्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता के आपसी संबंध पर प्रकाश डाला। वहीं मनोचिकित्सक डॉ. जय प्रकाश कुमावत ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।
राजकीय नर्सिंग कॉलेज में शुरू किया गया यह विधिक सहायता क्लिनिक विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं न्याय के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।