झालावाड़ (राजस्थान): चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से झालावाड़ जिला प्रशासन ने देहदान करने वाले परिवारों तथा देहदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने वाले समाजसेवियों का सम्मान किया। जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित समारोह में जिला कलेक्टर ने प्रशस्ति-पत्र देकर उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में उन परिवारों का विशेष अभिनंदन किया गया, जिन्होंने अपने परिजनों के निधन के बाद देहदान कर चिकित्सा शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण सहयोग दिया। साथ ही समाज में देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।
मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के अनुसार अब तक 129 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया है, जबकि 81 देह चिकित्सा अध्ययन के लिए उपलब्ध हो चुकी हैं। मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की संरचना का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि देहदान भविष्य के डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण देने का सशक्त माध्यम है। यह मानवता की सेवा का ऐसा कार्य है, जो चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने के साथ समाज को भी प्रेरित करता है।
मुख्य बिंदु:
129 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया।
देहदानी परिवारों और समाजसेवियों का सम्मान।
81 देह मेडिकल अध्ययन के लिए उपलब्ध।
मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण में देहदान की महत्वपूर्ण भूमिका।
चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा को मिला नया संबल।