जयपुर | 23 जुलाई : जयपुर की एक अदालत ने मां की हत्या के चर्चित मामले में आरोपी बेटी आयुषी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों से यह नहीं लगता कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। साथ ही मामले की जांच अभी जारी है और एक अन्य आरोपी अब भी फरार है।
🏛️ अदालत ने क्या कहा?
कोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार आयुषी और उसकी मां के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद था। पिता के निधन के बाद मां को मिली अनुकंपा नियुक्ति को लेकर भी दोनों के बीच मतभेद बताए गए हैं। अदालत ने माना कि इस स्तर पर जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
⚖️ बचाव पक्ष की दलील
आयुषी की ओर से कहा गया कि उसे गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने दावा किया कि:
▶️ घटनास्थल पर उसकी मौजूदगी नहीं थी।
▶️ उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
▶️ उससे कोई बरामदगी नहीं हुई।
▶️ उसका छोटा भाई गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसी पर निर्भर है।
👮 अभियोजन पक्ष का पक्ष
पुलिस और परिवादी पक्ष ने अदालत को बताया कि संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति के कथित लालच में हत्या की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
🚗 क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार 3 जुलाई की शाम जयपुर के प्रताप नगर क्षेत्र में एलडीसी के पद पर कार्यरत नीरज शर्मा अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच में इस घटना को सुनियोजित साजिश बताया गया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद कर लिया है।