जयपुर | राजस्थान में सहकारिता आधारित भारत टैक्सी सेवा की औपचारिक शुरुआत की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शासन सचिव, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह सेवा पारदर्शी व्यवस्था के साथ किफायती दरों पर आमजन को टैक्सी सुविधा उपलब्ध कराएगी और टैक्सी चालकों (सारथियों) को मालिक के रूप में सशक्त बनाएगी।
उन्होंने बताया कि अब तक 30 हजार सारथी भारत टैक्सी सेवा से जुड़ चुके हैं, जबकि 18 हजार से अधिक सारथी सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक टैक्सी चालकों को इस सहकारिता मॉडल से जोड़ना है।
डॉ. शर्मा ने जानकारी दी कि सेवा से जुड़े सारथियों को एसबीआई मुद्रा ऋण के लिए तीन वर्ष के बजाय केवल एक वर्ष की आयकर विवरणी के आधार पर ऋण सुविधा मिलेगी। साथ ही इफको-टोकियो इंश्योरेंस के माध्यम से बीमा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि निर्धारित लक्ष्य पूरा करने वाले सारथियों को विशेष प्रोत्साहन के रूप में अमूल गिफ्ट हैम्पर भी दिया जाएगा। इसके अलावा राजस्थान पुलिस, नगर निगम, एयरपोर्ट अथॉरिटी, रोडवेज और रेलवे सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों के साथ समझौते कर भारत टैक्सी सेवा को व्यावसायिक राइड उपलब्ध कराने की योजना है।
बैठक में जयपुर सहित पूरे प्रदेश में सेवा का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। सरकार को उम्मीद है कि औपचारिक शुरुआत के बाद सहकारिता आधारित यह मॉडल प्रदेश में तेजी से विस्तार करेगा।