🧹 गांव में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता व्यवस्था सुधारने की पहल
🎭 विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ दिया संदेश
👧 बालिकाओं को सिलाई-बुनाई का प्रशिक्षण देने की पहल
सिरोही, 15 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की 60 दिवसीय मेगा ड्राइव के तहत ग्राम ऊड में गुरुवार को जल देवी मंदिर के पास साप्ताहिक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही की सचिव सावित्री आनंद निर्भीक के नेतृत्व में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं, स्वच्छता, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के प्रति जागरूक किया गया। शिविर में किसानों की समस्याओं के समाधान तथा लंबित बीमा दावे के पंजीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई।
🌾 किसानों को तारबंदी के लिए ₹48 हजार का अनुदान
शिविर में पूर्व में आयोजित कैंप के दौरान किसानों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं पर की गई कार्रवाई के तहत कृषि विभाग के माध्यम से दो लाभार्थियों प्रकाश पुत्र लालाजी प्रजापत और गीता पत्नी प्रकाश प्रजापति को खेतों में तारबंदी के लिए कुल ₹48,000 की अनुदान राशि दिलवाई गई। इसके अतिरिक्त आठ अन्य किसानों को परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत लाभ मिला।
पूर्व शिविर में किसानों को मिट्टी परीक्षण करवाने के लिए प्रेरित किया गया था। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप इस बार कई किसानों ने अपनी कृषि भूमि की मिट्टी का परीक्षण करवाया तथा उन्हें मिट्टी परीक्षण प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप खेती करने और कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
🛡️ लंबे समय से लंबित बीमा दावे के पंजीकरण में प्रगति
ग्राम ऊड में जनसुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत लंबित मामलों के समाधान की दिशा में भी प्रयास किए गए। श्री काल्पेश कुमार मेघवाल का प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के तहत बीमा दावा लंबे समय से लंबित था। संबंधित स्तर पर आवश्यक समन्वय और कार्रवाई के बाद दावे का पंजीकरण करवाया गया।
इस कार्रवाई से प्रकरण के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई और पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ मिलने की संभावना को बल मिला।
🧹 ग्रामीणों की शिकायत पर सफाई व्यवस्था सुधारने की पहल
गांव में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों द्वारा पूर्व में बताई गई समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई की गई। इसके तहत गांव में सफाई करवाई गई तथा स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए गए।
शिविर के दौरान ग्रामीणों को अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा सामूहिक सहभागिता से गांव को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया।
🍎 विश्व खाद्य दिवस पर सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन का संदेश
विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के छठे दिन विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
बच्चों को समझाया गया कि वे एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुके खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करें। पैकेटबंद खाद्य सामग्री खरीदते समय निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें। साथ ही संतुलित आहार अपनाने, ताजा एवं पौष्टिक भोजन करने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को दैनिक खानपान में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
👧 बालिकाओं को सिलाई-बुनाई का प्रशिक्षण देने की पहल
शिविर में आरसेटी के प्रबंधक सवाराम मीणा ने बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई, बुनाई और अन्य लघु कार्यों का प्रशिक्षण देने की बात कही। उन्होंने बालिकाओं के रहने और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क उपलब्ध कराने की जानकारी दी। साथ ही, बालिकाओं की संख्या अधिक होने पर गांव में ही प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को व्यावहारिक कौशल से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
🎭 नुक्कड़ नाटक से बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ऊड के विद्यार्थियों ने बाल विवाह की रोकथाम, इसके दुष्परिणामों और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से आमजन को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक और व्यक्तिगत नुकसान के प्रति जागरूक किया। साथ ही बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण और दहेज प्रथा के उन्मूलन का संदेश दिया।
विद्यार्थियों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर सचिव सावित्री आनंद निर्भीक ने बच्चों को पुरस्कृत किया और सामाजिक जागरूकता में उनकी भागीदारी की सराहना की।
⚖️ ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी
शिविर में ग्रामीणों को नालसा की विभिन्न योजनाओं और विधिक सेवा कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया गया। इनमें नालसा शिक्षा, नालसा डॉन, नालसा संवाद, नालसा जागृति, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार एवं संरक्षण, चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज तथा महिलाओं और बच्चों के अधिकारों से संबंधित योजनाएं शामिल रहीं।
सचिव ने ग्रामीणों को विधिक जागरूकता के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वह अन्याय एवं शोषण के विरुद्ध जागरूक रह सके।
ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि किसी कानूनी समस्या के समाधान के लिए वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा संबंधित तालुका विधिक सेवा समिति के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
📍 ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में ग्राम सरपंच डूंगाराम मेघवाल, ग्राम सेवक भरत कुमार नागर, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक पन्नालाल चौधरी, कृषि अधिकारी कमलेश कुमार कटारा, विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का स्टाफ, समाज कल्याण विभाग की टीम और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।