रोशनी अभियान से सिरोही की किशोर बालिकाओं को मिलेगा एनीमिया से मुक्ति का संबल
एनीमिया मुक्त सिरोही की दिशा में बड़ा कदम, जिला कलक्टर तोमर ने किया ‘रोशनी अभियान’ का शुभारंभ
सिरोही, 12 अगस्त। ( रिपोर्टर, महेंद्र सिंह परिहार ) किशोर बालिकाओं को एनीमिया से मुक्त बनाने और उनके स्वास्थ्य में सुधार के उद्देश्य से सिरोही जिला प्रशासन ने अभिनव पहल शुरू की है। जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के नवाचार ‘रोशनी अभियान’ का शुभारंभ बुधवार को जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास, सिरोही में किया गया। इस दौरान अभियान के लोगो का भी विमोचन किया गया।
अभियान का संदेश “एनीमिया मुक्त सिरोही अभियान – स्वस्थ बालिका, सशक्त सिरोही” रखा गया है। इसके तहत बालिकाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, हीमोग्लोबिन की निगरानी, पोषण संबंधी जागरूकता, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता और लगातार फॉलो-अप पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पहले चरण में 19 छात्रावासों की 1,705 बालिकाएं होंगी शामिल
‘रोशनी अभियान’ को दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा शिक्षा विभाग के 19 बालिका छात्रावासों में रह रही 1,705 बालिकाओं को अभियान से जोड़ा गया है। यह चरण 15 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद दूसरे चरण में जिले के सभी विद्यालयों में अध्ययनरत किशोर बालिकाओं तक अभियान का विस्तार किया जाएगा।
प्रत्येक बालिका का व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। हर माह हीमोग्लोबिन और स्वास्थ्य जांच कर उसका रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य में हो रहे सुधार की नियमित निगरानी की जा सके।

आयरन-फोलिक एसिड सहित जरूरी दवाइयां मिलेंगी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार आयरन फोलिक एसिड, एल्बेंडाजोल और मल्टीविटामिन आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। छात्रावास वार्डन दवाइयों के नियमित सेवन और बालिकाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड की निगरानी करेंगे।
अभियान में केवल दवा वितरण तक सीमित न रहकर संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता, एनीमिया से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता कार्यक्रम एवं काउंसलिंग भी आयोजित की जाएगी।
लक्ष्य और अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी
जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रावास में रहकर पढ़ाई करना उनके लिए महत्वपूर्ण अवसर है और उन्हें इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बालिकाओं से जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसे हासिल करने के लिए अनुशासन और मेहनत को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समय पर उठना, पढ़ाई करना, खेलना और प्रत्येक कार्य को निर्धारित समय पर करना सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कलक्टर ने एनीमिया से प्रभावित बालिकाओं को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित आयरन की गोली लेने के लिए भी प्रेरित किया।
खून की कमी से थकान और पढ़ाई में परेशानी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने बालिकाओं को एनीमिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शरीर में खून की कमी होने पर थकान, पढ़ाई में एकाग्रता की कमी और भूख कम लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
उन्होंने बालिकाओं को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड लेने तथा निर्धारित कार्यक्रम के तहत एल्बेंडाजोल का सेवन करने की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

स्वास्थ्य जांच का कलक्टर ने लिया जायजा
कार्यक्रम के बाद जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा की जा रही बालिकाओं की हीमोग्लोबिन एवं स्वास्थ्य जांच का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक बालिका की जांच और स्वास्थ्य स्थिति का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए, ताकि आगे नियमित फॉलो-अप किया जा सके।
इस दौरान जिला कलक्टर ने छात्रावास परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
‘रोशनी एम्बेसडर’ भी बनेंगी बालिकाएं
अभियान के तहत चयनित बालिकाओं को ‘रोशनी एम्बेसडर’ के रूप में प्रोत्साहित करने की भी योजना है। ये बालिकाएं अन्य छात्राओं को पौष्टिक आहार, एनीमिया से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करेंगी।
कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक सोमेश्वर देवड़ा, महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक योगेन्द्र देथा, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मनोहर सिंह, सुपरवाइजर संतोष मीणा, मंच संचालक पिंकी राजपुरोहित, वार्डन लक्ष्मी कंवर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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