सिरोही। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर) के निर्देशानुसार और जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अजय शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में सिरोही में नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रही लग्जरी व स्लीपर बसों पर शिकंजा कसा गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने 21 जुलाई की रात 9:00 बजे से 22 जुलाई की सुबह 6:00 बजे तक सड़क पर उतरकर आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया।
40 बसों की सघन जांच, अवैध बदलावों की खुली पोल
अभियान के दौरान मार्ग से गुजरने वाली करीब 40 लग्जरी और स्लीपर बसों को रोककर गहन जांच की गई। निरीक्षण में मोटर वाहन अधिनियम (MV Act), AIS-119 और राज्य सरकार के SOP-2024 के नियमों की धज्जियां उड़ती पाई गईं। कई बसों में अवैध रूप से अनाधिकृत बदलाव (Unauthorized Alterations) किए गए थे, जो हादसों को न्योता देते हैं।
गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 बसों के कुल ₹4,15,000 (चार लाख पंद्रह हजार रुपये) के भारी-भरकम चालान काटे।

कार्रवाई में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस बड़े और विशेष अभियान का नेतृत्व DLSA सचिव श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक (ADJ) तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) श्रीमती अल्का जोशी ने किया।
परिवहन विभाग से: मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) श्री जवाहरमल मीना, श्री हरिराम, श्री गुलाब सिंह और श्री ईश्वर कोली।
DLSA टीम से: श्री दिलीप सिंह, श्री गोपाल सिंह, श्री शाहनवाज और श्री तोसिफ चौहान।
एक महीने तक चलेगा विशेष अभियान, हादसों पर रोक लगाना मकसद
DLSA सचिव श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक (ADJ) ने बताया कि स्लीपर व लग्जरी बसों में बिना अनुमति किए जाने वाले मॉडिफिकेशन के कारण लगातार गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक महीने का विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।
स्कूल संचालकों को सख्त चेतावनी
सचिव ने ‘बाल वाहिनी’ (स्कूल बसों) को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि डीएलएसए की टीम लगातार विभिन्न स्कूलों में जाकर वहां संचालित वाहनों की कमियों को चिह्नित कर प्रबंधकों को अवगत करा रही है।
सख्त लहजे में चेतावनी: “यदि स्कूल संचालकों ने समय रहते अपने वाहनों की कमियों को दूर नहीं किया, तो भविष्य में संबंधित स्कूलों और वाहन स्वामियों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।