बाड़मेर: थार की रेत पर विकास की सुनहरी लकीर-नया बाड़मेर रेलवे स्टेशन. 16.18 करोड़ रुपये के कायाकल्प से सीमांत भारत को मिला आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्टेशन,जहां हर ईंट थार की विरासत और हर कदम नए भारत की रफ्तार का एहसास कराता है।
बाड़मेर। थार की तपती रेत ने सदियों से वीरता की कहानियां संजोई हैं। यही धरती लोकसंस्कृति की रंगत,रणबांकुरों के शौर्य और अडिग राष्ट्रभक्ति की साक्षी रही है। आज उसी मरुधरा की पहचान में विकास का एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। वर्षों तक यात्रियों की खामोश मेजबानी करने वाला बाड़मेर रेलवे स्टेशन अब नए…