“OBC के साथ SC-ST को भी मिले समान अधिकार, पंचायत-निकाय चुनाव में नई जनगणना से आरक्षण की उठी मांग”
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव जगदीश मीणा ने पंचायत राज एवं नगर निकाय चुनावों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण को वर्ष 2026 की जनगणना के आधार पर लागू करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि अन्य वर्गों के लिए नई जनगणना के आधार पर आरक्षण तय करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है, तो SC-ST समुदाय को भी उसी आधार पर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंचायत राज और नगर निकाय चुनाव ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के अभाव में लंबे समय से लंबित हैं। मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार, ओबीसी आरक्षण को लेकर नई जनगणना के आंकड़ों के उपयोग पर चर्चा हो रही है। ऐसे में प्रदेशभर के विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों की ओर से यह मांग भी सामने आ रही है कि SC-ST वर्ग का आरक्षण भी वर्ष 2011 की बजाय वर्ष 2026 की जनगणना के आधार पर निर्धारित किया जाए।
जगदीश मीणा ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक न्याय की भावना को हमेशा मजबूत किया है। उनका मत है कि संविधान की भावना के अनुरूप आरक्षण का निर्धारण वर्तमान जनसंख्या के अनुपात में होना चाहिए, ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सकें।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि पंचायत राज एवं नगर निकाय चुनावों में आरक्षण तय करते समय सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार किया जाए तथा यदि नई जनगणना के आधार पर व्यवस्था लागू की जाती है तो उसका लाभ SC-ST समुदाय को भी समान रूप से दिया जाए।