जयपुर/दौसा: राजधानी जयपुर के हरमाड़ा इलाके में हुई उबर (Uber) कैब ड्राइवर लखपति कुशवाहा की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों—सुधांशु और सोनू बैरवा को दौसा से गिरफ्तार किया है।
लोन चुकाने और कैफे खोलने के लिए रची साजिश
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पिछले 15 सालों से दोस्त हैं और जयपुर में किराए पर रह रहे थे। उन पर भारी लोन का कर्ज था, जिसे चुकाने और कार लूटकर बेचे गए पैसों से अपना कैफे शुरू करने के लिए उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
वारदात से जुड़े 5 बड़े खुलासे:
ऑनलाइन मंगवाई गई रस्सी: वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने क्विक-कॉमर्स ऐप Blinkit के जरिए हत्या में इस्तेमाल रस्सी ऑनलाइन ऑर्डर की थी।
20 बार बुक की कैब: आरोपी किसी नई मॉडल की गाड़ी की तलाश में थे। उन्होंने करीब 20 बार कैब बुक की, लेकिन पुरानी गाड़ियां मिलने पर वे ट्रिप रद्द या टालते रहे।

2026 मॉडल आर्टिगा बनी निशाना: वारदात वाले दिन भी आरोपियों ने 12 बार कैब ट्रिप ट्रिगर की। आखिरकार जब उन्हें 2026 मॉडल की अर्टिगा (Ertiga) मिली, तो उन्होंने चालक लखपति कुशवाहा को निशाना बनाया।
AI तकनीक से हुई शव की पहचान: आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए चालक का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। पुलिस ने AI आधारित इमेज रिकंस्ट्रक्शन (AI Image Reconstruction) तकनीक की मदद से मृतक का चेहरा तैयार कर पहचान स्थापित की।
यूट्यूब देखकर बनाई थी प्लानिंग: आरोपियों ने पुलिस से बचने और लूट की प्लानिंग के लिए यूट्यूब वीडियो का सहारा लिया था। वारदात से एक दिन पहले भी उन्होंने प्रयास किया था, लेकिन बारिश और नाकेबंदी के कारण वे असफल रहे थे।
पुलिस की सतर्कता से बेनकाब हुए आरोपी
विश्वकर्मा इलाके से बुक की गई इस राइड के दौरान राजावास के पास ड्राइवर की हत्या कर आरोपी कार लेकर फरार हो गए थे। शव की पहचान होते ही पुलिस ने आखिरी राइड की डिजिटल ट्रेल (Digital Trail) निकाली और दौसा से दोनों आरोपियों को दबोचकर लूटी गई अर्टिगा कार बरामद कर ली। फिलहाल पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है।