चपरासी बनेगा तो भी मेरे लिए कलक्टर ही होगा” जानिए बाड़मेर के 3 RAS चयनित युवाओं के पिता के संघर्ष की कहानी
बाड़मेर: बाड़मेर। सरकारी नौकरी में चयन की खबर अक्सर एक नाम, एक रैंक और एक उपलब्धि तक सीमित रह जाती है, लेकिन उसके पीछे वर्षों का संघर्ष, असफलताओं का दर्द, घर की आर्थिक तंगी और परिवार का मौन त्याग छिपा होता है। बाड़मेर जिले के तीन चयनित आरएएस अभ्यर्थी स्वरूपसिंह उण्डखा, प्रमिला सऊ, रामाराम भियांड़…