सिरोही | 06 अगस्त 2026 जिले में आगामी 9 से 17 अगस्त तक आयोजित होने वाले ‘घर-घर तिरंगा’ अभियान को भव्य, गरिमापूर्ण और जनभागीदारी आधारित बनाने के लिए जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने गुरुवार को जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने अभियान के प्रत्येक कार्यक्रम में आमजन की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने और व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया।
जिला कलेक्टर ने बताया कि 9 अगस्त से अभियान का शुभारंभ होगा। वर्ष 2026 का ‘घर-घर तिरंगा’ अभियान ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष को समर्पित रहेगा। अभियान के दौरान 9 से 17 अगस्त तक प्रतिदिन वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा तथा नागरिकों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 9 अगस्त को गांवों और ढाणियों में हाथों में तिरंगा लेकर प्रभात फेरी निकाली जाएगी, जबकि 10 अगस्त को तिरंगा रैली आयोजित होगी। 11 और 12 अगस्त को तिरंगा प्रदर्शनी एवं मेले लगाए जाएंगे। वहीं 13 से 17 अगस्त तक सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक भवनों और प्रमुख स्मारकों को तिरंगा रंग की एलईडी रोशनी से सजाया जाएगा।
अभियान के दौरान देशभक्ति गीत, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का प्रसारण किया जाएगा। 13 से 17 अगस्त तक प्रत्येक नगर निकाय एवं ग्राम पंचायत के प्रमुख स्थानों पर तिरंगा कैनवास लगाया जाएगा, जहां नागरिक अपने हस्ताक्षर और देशभक्ति के संदेश लिख सकेंगे। 14 अगस्त को तिरंगा सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी तथा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण कार्यक्रम होंगे। इसके साथ ही 13 से 15 अगस्त तक सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और नागरिकों को अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर तिरंगा लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी मनाया जाएगा
बैठक में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के आयोजन को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। 13 एवं 14 अगस्त को जिला एवं पंचायत स्तर पर विभाजन विषयक प्रदर्शनी और फिल्मों का प्रदर्शन होगा। 14 अगस्त को जनप्रतिनिधियों, विभाजन प्रभावित परिवारों, स्वतंत्रता सेनानियों, स्वयं सहायता समूहों, कलाकारों, खिलाड़ियों और प्रबुद्ध नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपखंड अधिकारी हरिसिंह देवल, आयुक्त जोधाराम विश्नोई, जिला परिषद से भगवान सिंह राजपुरोहित, आईसीडीएस के डीडी सोमेश्वर देवड़ा, डीओआईटी के संयुक्त निदेशक गोविन्द चौधरी तथा सीडीईओ महेन्द्र नानीवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।