जयपुर | 1 सितंबर 2026 राजस्थान में निकाय चुनाव के पहले चरण के नामांकन के आखिरी दिन प्रदेशभर में सियासत के कई रंग देखने को मिले। कहीं टिकट कटने का दर्द आंसुओं में नजर आया, तो कहीं विरोध में कार्यकर्ता ने कलेक्ट्रेट के बाहर सिर मुंडवा लिया। कुछ उम्मीदवार समय पर नामांकन केंद्र नहीं पहुंच पाए और मौका हाथ से निकल गया। वहीं जोधपुर में शहर विधायक अतुल भंसाली चाय की दुकान पर चाय बनाते नजर आए। नामांकन के दौरान सामने आए इन दिलचस्प घटनाक्रमों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया।
टिकट नहीं मिला तो छलका दर्द, कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी
जयपुर के वार्ड 149 में भाजपा से टिकट की उम्मीद लगाए बैठीं अंजलि गौतम टिकट नहीं मिलने पर भावुक हो गईं। उन्होंने पार्टी में मेहनत और सक्रियता के बावजूद टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। इसी वार्ड से टिकट की उम्मीद कर रहे विश्वास सैनी ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
अजमेर में विरोध का अनोखा तरीका, कलेक्ट्रेट के बाहर मुंडवाया सिर
अजमेर में टिकट वितरण से नाराज भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता महेंद्र सिंह भाटी ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर ही सिर मुंडवा लिया। घटना ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी।
नामांकन की समय सीमा खत्म, कई दावेदार रह गए बाहर
बांसवाड़ा में नामांकन केंद्र पर अंतिम समय को लेकर सख्ती दिखाई दी। समय सीमा समाप्त होने के बाद पहुंचे कुछ दावेदारों को प्रवेश नहीं मिल सका। श्रीगंगानगर में भी एक निर्दलीय महिला प्रत्याशी कथित तौर पर करीब 14 मिनट देरी से पहुंचीं, लेकिन उन्हें भी नामांकन केंद्र में प्रवेश नहीं मिला।
जोधपुर में भी देर से पहुंचे एक व्यक्ति की पुलिसकर्मी से बहस हो गई। उन्होंने देरी के बावजूद पुलिसकर्मी द्वारा पीछे किए जाने पर नाराजगी जताई।
जोधपुर में विधायक ने बनाई चाय, कैमरों में कैद हुआ चुनावी अंदाज
जोधपुर कलेक्ट्रेट के आसपास चुनावी हलचल के बीच शहर विधायक अतुल भंसाली एक चाय की दुकान पर पहुंचे। यहां उन्होंने खुद चाय बनाई और कपों में परोसी। इस दौरान उनका यह अंदाज कैमरों में कैद हो गया।
विधायक के पास भाजपा के कमल चिन्ह वाला छोटा प्रतीक भी नजर आया, जिसे उन्होंने चायवाले को देने की कोशिश की। हालांकि चायवाले ने इसमें खास दिलचस्पी नहीं दिखाई और विधायक ने उसे वापस अपनी जेब में रख लिया।
केंद्रीय मंत्री के साथ ‘रील’ भी बनी चर्चा का विषय
वहीं केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी से मुलाकात के दौरान एक महिला, जिन्हें स्थानीय तौर पर ‘बुआजी’ के नाम से जाना जाता है, ने सड़क पर फिल्मी गीत पर रील बनाई। रील में उन्होंने मंत्री को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान चौधरी ने उन्हें नेग के तौर पर 500 रुपये देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पैसे लेने में रुचि नहीं दिखाई।
निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान सामने आए ये घटनाक्रम बताते हैं कि राजस्थान की चुनावी राजनीति में मुकाबले के साथ-साथ भावनाएं, नाराजगी और सियासी अंदाज भी खूब देखने को मिल रहे हैं।