राजस्थान (आबूरोड): श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन (गेट नंबर-1) में दो दिवसीय विशाल और अलौकिक झांकी का आयोजन किया जा रहा है। 4 और 5 सितंबर को सजने वाले इस 75 फीट लंबे भव्य पांडाल में भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप से लेकर स्वर्णिम भारत (सतयुग) की दिव्य झलक देखने को मिलेगी।
लाइटिंग और साउंड के अद्भुत संयोजन से तैयार इस झांकी का औपचारिक उद्घाटन 4 सितंबर को शाम 7 बजे होगा, जिसके दर्शन रात्रि 11 बजे तक किए जा सकेंगे।
झांकी के मुख्य आकर्षण
🔹 श्रीलक्ष्मी-श्रीनारायण का राज दरबार: इस वर्ष का सबसे मुख्य आकर्षण ‘श्रीलक्ष्मी-श्रीनारायण का दिव्य राज दरबार’ होगा, जो आने वाले स्वर्णिम युग (सतयुग) के वैभव को दर्शाएगा।
🔹 75 फीट लंबा भव्य पांडाल: इसमें श्रीकृष्ण की माखनचोरी, बाल-लीलाएं, गोवर्धन पर्वत धारण करना, शेषनाग मर्दन, राधारानी संग झूला और मीराबाई का अनन्य भक्ति-भाव जीवंत रूप में दिखेगा।
🔹 कलयुग से सतयुग का सफर: प्रदर्शनी में वर्तमान समय की वैश्विक स्थिति और आने वाले स्वर्णिम संसार के अंतर को सुंदर दृश्यों के माध्यम से समझाया गया है।
दृश्य कला के साथ छिपा है आध्यात्मिक रहस्य
झांकी के संयोजक बीके चिरंजीवी भाई ने बताया कि तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल दृश्यों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों और गीता ज्ञान के पीछे छिपे गहरे आध्यात्मिक रहस्यों को उजागर करना है। पांडाल में यह भी दर्शाया जाएगा कि कैसे परमपिता परमात्मा इस धरा पर अवतरित होकर मानव आत्माओं को ज्ञान के माध्यम से स्वर्णिम दुनिया की ओर ले जाते हैं।
हर साल की तरह इस बार भी आबूरोड समेत आसपास के दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के पहुँचने की उम्मीद है।