जयपुर | 04 अगस्त 2026 राजधानी जयपुर में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में निकाली गई रैली के दौरान डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा निवासी देवराज सिंह की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद प्रदर्शन और मौत को लेकर पुलिस तथा श्री राजपूत करणी सेना के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
रैली में श्री राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी।
पुलिस का पक्ष
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के अनुसार, देवराज सिंह की मौत पुलिस लाठीचार्ज या वाटर कैनन के कारण नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
करणी सेना का आरोप
वहीं, श्री राजपूत करणी सेना का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया। संगठन का दावा है कि लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ता घायल हुए, एक कार्यकर्ता का पैर भी टूट गया तथा महिलाओं और युवाओं पर भी बल प्रयोग किया गया। संगठन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कई जगह पुलिस ने रोका जुलूस
रैली को रोकने के लिए पुलिस ने 200 फीट एक्सप्रेस पुलिया, चौमूं पुलिया तिराहा, अंबाबाड़ी तिराहा और पानीपेच तिराहा सहित कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट सर्किल तक पहुंच गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ।
वाटर कैनन और लाठीचार्ज
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। इसी दौरान देवराज सिंह की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जयपुर में अंतिम संस्कार
मंगलवार सुबह जयपुर में देवराज सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामले को लेकर पुलिस और संगठन के दावों के बीच जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।