राजस्थान विधानसभा अमृत महोत्सव
जयपुर, 15 जुलाई। राजस्थान विधानसभा के लोकतंत्र अमृत महोत्सव कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजनीति में शालीनता, संवाद और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व सांसद डॉ. अबरार अहमद के निधन पर वह कांग्रेस कार्यालय श्रद्धांजलि देने गई थीं, जबकि कई लोगों ने उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी।
राजे ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट कहा था, “राजनीति की लक्ष्मण रेखा से बड़ी इंसानियत की भावना होती है।” उनके इस वक्तव्य पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की वक्तृत्व कला की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पहले सदन में तर्कपूर्ण और गरिमापूर्ण बहस होती थी, जिसे सभी सदस्य ध्यान से सुनते थे। साथ ही उन्होंने वर्तमान राजनीति में बढ़ते प्रतिशोध और गिरते भाषाई स्तर पर चिंता व्यक्त की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के दौरान लिए गए कई अहम फैसलों का भी उल्लेख किया। इनमें पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, 24 घंटे घरेलू बिजली, ईआरसी की स्थापना और सर्वश्रेष्ठ विधायक सम्मान जैसी पहलें शामिल रहीं।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत और हरिदेव जोशी के राजनीतिक संबंधों का उदाहरण देते हुए कहा कि मतभेद होने के बावजूद दोनों नेताओं के बीच आपसी सम्मान बना रहता था। उन्होंने आज की राजनीति में भी ऐसे स्वस्थ लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता बताई।
📌 मुख्य बिंदु:
पूर्व सांसद डॉ. अबरार अहमद को श्रद्धांजलि देने कांग्रेस कार्यालय पहुंची थीं वसुंधरा राजे।
कहा— “इंसानियत राजनीति से बड़ी होती है।”
सदन में पहले जैसी गरिमापूर्ण बहस और संवाद की परंपरा पर दिया जोर।
अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों और लोकतांत्रिक मूल्यों का किया उल्लेख।