जयपुर: Re-NEET UG परीक्षा आज, 1 गवर्नमेंट MBBS सीट के लिए 36 कैंडिडेट में मुकाबला, हर केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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जयपुर: कोटा/सीकर/अजमेर/जयपुर. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 21 जून को री-नीट यूजी परीक्षा आयोजित करने जा रही है. इस परीक्षा में कुल 22.79 लाख कैंडीडेट्स रजिस्टर्ड हैं. इनकी परीक्षा देश-विदेश के 565 शहरों में होगी, जिनमें 551 भारतीय और 14 विदेशी शहर शामिल हैं. कुल 6669 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा पूरी तरह ऑफलाइन पेन-पेपर मोड में होगी, जिसमें छात्रों को OMR शीट भरनी होगी. परीक्षा को लेकर प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा कड़ी रखी जाएगी. इसके लिए पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं. वहीं, परीक्षा से एक दिन पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और पुलिस प्रशासन ने मॉक ड्रिल के जरिए व्यवस्थाओं का परीक्षण किया. परीक्षा केंद्रों पर डबल लेयर फ्रिस्किंग, सीसीटीवी निगरानी, जैमर, आर्म्ड गार्ड और फ्लाइंग स्क्वॉड्स की तैनाती की गई है.

नीट यूजी मुख्य रूप से एमबीबीएस प्रवेश के लिए आयोजित होती है. इसमें AIIMS, JIPMER, केंद्र और राज्य सरकार के बड़े मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी के संस्थान शामिल हैं. निजी कोचिंग संस्थान के करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट पारिजात मिश्रा ने बताया कि देश में 823 मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,29,603 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं. रजिस्टर्ड कैंडीडेट्स के आधार पर एक सीट के लिए औसतन 18 छात्रों का मुकाबला होगा.

सरकारी कॉलेजों में 63,160 सीटें:

पारिजात मिश्रा ने बताया कि अधिकांश छात्र सरकारी एमबीबीएस सीटों को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि वहां फीस कम होती है. सरकारी कॉलेजों में 450 संस्थानों में 63,160 सीटें हैं, जबकि प्राइवेट और डीम्ड कॉलेजों में 373 संस्थानों में 66,443 सीटें उपलब्ध हैं. सरकारी सीट के लिए एक सीट पर औसतन 36 दावेदार सामने आ रहे हैं.

2024 से 2025 में 127 अंक गिरी कटऑफ:

पारिजात मिश्रा ने बताया कि 2024 में पेपर लीक विवाद के बीच आसान पेपर आया था, जिससे जनरल कैटेगरी में 652 अंक पर सरकारी सीट मिल रही थी. क्लोजिंग रैंक 25,220 थी, लेकिन 2025 में टफ पेपर के कारण जनरल कैटेगरी की कटऑफ 525 अंक रह गई. क्लोजिंग रैंक 27,332 हो गई. इस तरह 127 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई. 2026 में पेपर अच्छा स्कोर देने वाला माना जा रहा था, लेकिन अब री-एग्जाम होने से पेपर टफ होने की आशंका है.

सरकारी मेडिकल कॉलेज 450 में 63,160 सीटें:

प्राइवेट व डीम्ड कॉलेज: 373 में 66,443 सीटें

कुल 824 कॉलेज, 1,29,603 एमबीबीएस सीटें

री-नीट यूजी कैंडीडेट्स की गणना

कुल रजिस्ट्रेशन 22,79,743:

लड़कियां: 58% (13,32,928)

लड़के: 42% (9,46,815)

पहली परीक्षा में उपस्थित: 96.72% (22,05,035)

सेंटर सुपरिंटेंडेंट और ऑब्जर्वर को किया ब्रीफ: परीक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस ने केंद्र सुपरिंटेंडेंट और ऑब्जर्वर को ब्रीफ कर दिया है. संभाग आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, रेंज आईजी हरेंद्र महावर, जिला कलेक्टर पियूष समारिया और एसपी तेजस्विनी गौतम ने ब्रीफ किया. सभी को साफ हिदायत दी है कि किसी भी तरह का फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर नहीं जाना चाहिए और कोई भी व्यक्ति एग्जाम सेंटर में मोबाइल का उपयोग नहीं करेगा. अंदर मोबाइल की एंट्री नहीं होगी. परीक्षा के लिए कोटा शहर में 92 सेंटर बनाए गए हैं, जिनकी निगरानी के लिए 800 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. इसके साथ ही आरएसी और सीआरपीएफ की भी तीन कंपनियां मौजूद रहेंगी.

जैमर और सीसीटीवी लगाए गए:

परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर जाएगी, जहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सॉफ्टवेयर के जरिए मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके अलावा नेटवर्क को तोड़ने के लिए जैमर भी लगाए गए हैं. मीटिंग में अधिकारियों ने साफ हिदायत दी है कि कोई भी कैंडिडेट बिना तलाशी या गाइडलाइन के प्रवेश नहीं करना चाहिए.

मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए जा रही अटेंडेंस:

नीट परीक्षा को देखते हुए मेडिकल विद्यार्थी दूसरे की जगह एग्जाम देने चले जाते थे इस तरह की पहले काफी शिकायतें भी आई हैं और पुलिस ने कार्रवाई भी की है. मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को साफ हिदायत दी है कि कोई भी विद्यार्थी अनुपस्थित नहीं रहना चाहिए. सबकी अटेंडेंस बीते दो दिनों से ली जा रही है. विद्यार्थियों की रविवार को भी अटेंडेंस ली जाएगी. साथ ही इस परीक्षा में साइंस स्ट्रीम के टीचर्स की भी ड्यूटी नहीं लगाई जा रही है. पहले भी ऐसा होता रहा है यहां तक की परीक्षा के पेपर भी एयरोप्लेन की मदद से पहुंच गए हैं, जिन्हें बैंकों के स्ट्रांग रूम में रखा गया है. परीक्षा के कुछ घंटे पहले इन्हें परीक्षा केंद्र पर भारी सुरक्षा के बीच पहुंचा जाएगा.

NEET परीक्षा को लेकर जयपुर में अभेद्य सुरक्षा घेराः

NEET-UG को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. परीक्षा से एक दिन पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और पुलिस प्रशासन ने मॉक ड्रिल के जरिए व्यवस्थाओं का परीक्षण किया. परीक्षा केंद्रों पर डबल लेयर फ्रिस्किंग, सीसीटीवी निगरानी, जैमर, आर्म्ड गार्ड और फ्लाइंग स्क्वॉड्स की तैनाती की गई है. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को जयपुर सहित प्रदेशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की. इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, निगरानी व्यवस्था और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जांच करना था, ताकि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके.

वहीं परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीसीपी साउथ राजर्षि ने बताया कि नीट परीक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है:

प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए आर्म्ड गार्ड के साथ विशेष एस्कॉर्ट की व्यवस्था की गई है. परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम में भी सशस्त्र सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं. उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की एंट्री के दौरान डबल लेयर फ्रिस्किंग की जाएगी. पहली जांच एनटीए के कर्मचारियों की ओर से और दूसरी जांच पुलिस कर्मियों की ओर से की जाएगी. इसके लिए संबंधित स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है. पुलिस की ओर से फ्रिस्किंग में हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर का उपयोग किया जाएगा, वहीं महिला और पुरुष पुलिसकर्मी आवश्यकतानुसार शारीरिक जांच भी करेंगे. राजर्षि ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक धोखाधड़ी या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके. इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे परीक्षा से जुड़ी अफवाहों, फर्जी प्रश्नपत्रों या संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके.

पुलिस प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों, पीजी और हॉस्टलों पर भी विशेष निगरानी शुरू की है:

किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर तीन से पांच पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि विभिन्न क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वॉड्स भी सक्रिय रहेंगे. जयपुर जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा के सुचारू एवं सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं. जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. अभ्यर्थियों का परीक्षा केन्द्रों पर प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक रहेगा. इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि जिले में कुल 103 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें 84 राजकीय एवं 19 निजी परीक्षा केन्द्र शामिल हैं. परीक्षा में कुल 37 हजार 108 अभ्यर्थी शामिल होंगे. इनमें 25 हजार 900 अभ्यर्थी राजकीय केंद्रों तथा 11 हजार 208 अभ्यर्थी निजी केंद्रों पर परीक्षा देंगे.

सीकर में सुरक्षा चाक-चौबंद:

सीकर में भी इस परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं. जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आशीष मोदी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. जारी आदेश के अनुसार परीक्षा रविवार दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल, प्रश्नपत्र लीक या अन्य अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में संचालित सभी ई-मित्र केंद्र, फोटोकॉपी की दुकानें और साइबर कैफे बंद रखे जाएंगे. यह व्यवस्था परीक्षा अवधि के दौरान प्रभावी रहेगी.

संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई होगी:

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों में केवल अधिकृत अधिकारियों, कर्मचारियों और परीक्षार्थियों को ही प्रवेश दिया जाएगा. केंद्रों के भीतर और आसपास मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

अजमेर में परीक्षा की तैयारी:

वहीं, नीट परीक्षा के लिए अजमेर में 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. जिले में कुल 6 हजार 231 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन और फूल फ्रिस्किंग जांच होगी. लड़कियों की जांच के लिए महिला सुरक्षा कर्मी भी परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहेंगी. इसके अलावा परीक्षा के दौरान वीडियो ग्राफी होगी. वही, सीसीटीवी कैमरे से भी परीक्षा केंद्रों में निगरानी होगी.

अजमेर में प्रशासन ने व्यापक स्तर पर परीक्षा के लिए तैयारी की है:

परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर फ्रेम भी लगाए गए हैं. परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मी भी अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. प्रश्न पत्रों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र लाते और ओएमआर शीट करवाने तक हथियारबंद पुलिस एस्कॉर्ट रहेगा. परीक्षा केंद्रों पर पावर कट होने पर जनरेटर की भी व्यवस्था रहेगी. परीक्षा गाइड लाइन के अनुसार परीक्षार्थी अपने साथ पीने के पानी की बोतल (पारदर्शी) ला सकेंगे. अजमेर में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ अनिल सामरिया ने बताया कि नीट यूजी की पुनः परीक्षा को लेकर सरकार ने दिशा निर्देश जारी किए हैं. नोडल ऑफिसर डॉ पूनम को बनाया गया है. कॉलेज में यूजी और पीजी विद्यार्थियों को सुबह से लेकर शाम तक परिसर में ही रहना होगा. सभी विभाग के अध्यक्षों को पाबंद कर दिया गया है कि उनके अधीनस्थ रेजिडेंट डॉक्टर्स की उपस्थिति लें और उन्हें साथ रखें. यूजी विद्यार्थियों की भी उपस्थित ली जाएगी साथ ही उन्हें विभिन्न गतिविधियों में व्यस्त रखा जाएगा. 1 से 5 बजे तक यूजी और पीजी आपके सभी विद्यार्थियों को परिसर में ही रहना होगा.

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