राजस्थान में ‘गिव अप अभियान’ बना मिसाल: 1 करोड़ से अधिक नए जरूरतमंदों को मिली खाद्य सुरक्षा, 93 लाख सक्षम लोगों ने छोड़ा लाभ

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जयपुर | 23 जुलाई : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के ‘गिव अप अभियान’ ने सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अभियान के तहत 1 करोड़ 56 हजार 511 नए जरूरतमंद लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) से जोड़ा गया, जबकि 93 लाख 48 हजार 596 सक्षम लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़कर जरूरतमंद परिवारों के लिए रास्ता बनाया।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राजस्थान में लगभग 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीमा तय होने के कारण लंबे समय से नए पात्र परिवार योजना से नहीं जुड़ पा रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1 नवंबर 2024 से ‘गिव अप अभियान’ शुरू किया गया।

अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिलने के बाद 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल दोबारा खोला गया। इसके बाद 87 लाख 60 हजार 847 नए लोगों को योजना में शामिल किया गया। वहीं, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इससे पहले भी 12 लाख 95 हजार 664 पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा का लाभ दिया जा चुका था।

मंत्री गोदारा ने कहा कि यह राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने बताया कि नए जुड़े लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना जैसी अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ उठा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस अभियान की प्रेरणा केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के ‘गिव अप अभियान’ से ली गई, जिसमें देशभर में करोड़ों लोगों ने स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ी थी। राजस्थान में भी लोगों ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए जरूरतमंदों के हित में खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़कर एक नई मिसाल पेश की है।

इसी क्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर अभियान की सफलता पर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और जनहितकारी पहल के कारण लाखों जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सुरक्षा का लाभ पहुंच सका है।

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