सिरोही, 21 जुलाई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार Transformative Tuesdays कार्यक्रम के अंतर्गत जिलेभर में “Say No to Drugs, Say Yes to Your Dreams – Drugs Are Not Cool, Your Mind, Body and Future Matter” विषय पर व्यापक विधिक साक्षरता एवं संवेदनशीलता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के प्रति प्रेरित करना रहा।
जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद कर नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी दी। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से जीवन में सकारात्मक लक्ष्य निर्धारित करने, कानून का सम्मान करने तथा नशे से दूर रहकर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के तहत श्रीमती शैल कुमारी सोलंकी ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय गोयली, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोयली एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय माण्डवा में विद्यार्थियों को विधिक जानकारी दी।

श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजपुरा तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बालदा में जागरूकता सत्र आयोजित किए।
श्री ललित डाबी, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने शाह गोमाजी दीपाजी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मेर माण्डवाड़ा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पाडीव, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुरा तथा महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पाडीव में विद्यार्थियों को संबोधित किया।
श्रीमती अल्का जोशी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एन.एस.जी. हायर सेकेंडरी स्कूल, सिरोही में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और कानूनी जागरूकता का संदेश दिया।
सुश्री भारती उपाध्याय, न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रघुवीर माध्यमिक विद्यालय, कालन्द्री तथा प्रयागराज उच्च माध्यमिक विद्यालय, कालन्द्री में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों एवं विधिक अधिकारों की जानकारी दी।
इस विशेष अभियान के दौरान जिला मुख्यालय एवं विभिन्न तालुका क्षेत्रों के 19 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 8 से 12 तक के लगभग 3,000 विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई गई। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
यह अभियान केवल कानूनी जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देने वाला एक प्रभावी जन-जागरूकता प्रयास साबित हुआ।