दर्द वाले दांत के साथ सही दांत भी काटने का आरोप, विरोध करने पर बदसलूकी का दावा; वीडियो सामने आने के बाद मामला गरमाया
पिण्डवाड़ा। सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा शहर स्थित शिवम डेंटल केयर अस्पताल के दंत विभाग में इलाज को लेकर विवाद सामने आया है। एक मरीज ने अस्पताल में उपचार के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने और बिना स्पष्ट जानकारी दिए उसके दांत को काटने के आरोप लगाए हैं। मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
मरीज का आरोप है कि वह दांत में दर्द की शिकायत लेकर शिवम डेंटल केयर पहुंचा था। वहां उसे पहले दांतों की सफाई कर मसाला भरने की बात बताई गई। इसके बाद उसे सुन्न करने का इंजेक्शन लगाया गया। मरीज का दावा है कि उपचार के दौरान जिस दांत में दर्द था, उसके साथ पास वाले दांत को भी काट दिया गया, जबकि उसे इसकी स्पष्ट जानकारी या सहमति नहीं दी गई थी।
मरीज के अनुसार, जब उसे पता चला कि दर्द वाले दांत के साथ पास के दांत पर भी उपचार किया गया है, तो उसने डॉक्टर के सामने आपत्ति जताई और शिकायत की। आरोप है कि इसके बाद उसे दांतों पर कैप लगवाने की बात कही गई।
सही दांत काटने का आरोप, उठे गंभीर सवाल
मरीज ने पूरे उपचार को लेकर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि खराब दांत की जगह उसका सही दांत काट दिया गया। मरीज का कहना है कि उपचार से पहले उसे पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। यही नहीं, विरोध करने पर अस्पताल प्रशासन के व्यवहार को लेकर भी मरीज ने नाराजगी जताई है।
मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मरीज अपनी आपबीती बताते हुए उपचार को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविकता
मरीज द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। यदि बिना उचित जानकारी और सहमति के किसी स्वस्थ दांत पर अनावश्यक प्रक्रिया की गई है, तो यह मरीज के अधिकारों और चिकित्सा प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार से पहले की जांच, एक्स-रे, मरीज की सहमति तथा विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब सवाल यह है कि मरीज के जिस दांत में दर्द था, उसके साथ दूसरे दांत पर उपचार की आवश्यकता क्यों पड़ी? क्या मरीज को पूरी प्रक्रिया की जानकारी देकर सहमति ली गई थी? और यदि मरीज के आरोप सही हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?