पाली/जयपुर: राजस्थान के पाली जिले में एक शातिर ‘भैंस चोर गैंग’ के सक्रिय होने से पशुपालकों में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल है। जिले के विभिन्न गांवों से अब तक करीब 20 पशुपालकों की 90 से 100 भैंसें चोरी हो चुकी हैं, जिनकी कुल बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस की ढिलाई से परेशान होकर करीब 20 पीड़ित किसान गुरुवार को पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे और एसपी मोनिका सैन से मिलकर सख्त कार्रवाई की मांग की।
जंगल और बाड़े से गायब कर रहे पशु
पशुपालकों का कहना है कि क्षेत्र में एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। यह गैंग दिन में जंगल में चरने गई भैंसों और रात को बाड़ों में बंधी भैंसों को निशाना बना रही है। पीड़ितों का आरोप है कि अधिकांश पशुपालकों ने अपने-अपने संबंधित थानों में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं।
इन गांवों में चोरों ने मचाया तांडव:
🟢 सोनाईमांझी: गांव के पशुपालक केसाराम की 9 भैंसें (कीमत करीब ₹5 लाख) चोरी हो गईं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला।
🟢 कुलथाना: पशुपालक मंगलाराम की 6 भैंसें (कीमत ₹4 से ₹5 लाख) गायब हुईं। शिकायत के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
🟢 अन्य प्रभावित क्षेत्र: रूपावास निवासी रामलाल बंजारा के अनुसार, काणदरा, मानपुरा भाकरी, रूपावास चारणान, सोडावास, गिरादड़ा, जवड़िया, सोनाईमांझी और पाली के मस्तान बाबा क्षेत्र से लगातार पशु चोरी की वारदातें सामने आ रही हैं।
एसपी ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसा
एसपी ऑफिस पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में भूराराम, मंगलाराम, मानाराम, नेनाराम, राकेश, सोहन, कुलदीप सिंह, नारायणलाल, मोहनलाल, प्रकाश पटेल, मुकेश, गेनाराम, पेमाराम, केसाराम और छोटू सिंह सहित कई पशुपालक शामिल रहे। किसानों ने पुलिस को चोरी से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत भी सौंपे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मोनिका सैन ने पशुपालकों को आश्वासन दिया कि विशेष टीम गठित कर गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा और जल्द ही प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।