हीरामन बाबा की जात करने पहुंचे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, 6 घंटे बाद मिला युवक का शव
धौलपुर | 30 अगस्त 2026 राजस्थान के धौलपुर जिले में रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने धार्मिक यात्रा को मातम में बदल दिया। हीरामन बाबा की जात करने पहुंचे एक परिवार के चार भाई-बहनों की कुंड में डूबने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब नहाने के दौरान एक युवक गहरे पानी में चला गया और उसे डूबता देखकर उसकी तीन बहनें बचाने के लिए पानी में उतर गईं। गहराई अधिक होने के कारण चारों पानी में डूब गए।
हादसा आंगई थाना क्षेत्र के धौंध पंचायत के विरजा गांव के पास स्थित हीरामन बाबा की पोखर में हुआ। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा ग्रामीणों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया।
भाई को डूबता देख बहनों ने लगा दी छलांग
थानाप्रभारी कृपाल सिंह के अनुसार, धौलपुर के मोरोली गांव से ग्रामीणों का जत्था हीरामन बाबा की जात करने विरजा गांव आया था। रविवार सुबह करीब 4 बजे कुछ लोग हीरामन बाबा के कुंड में नहाने पहुंचे थे।
इसी दौरान रवि उर्फ भोलू पानी में उतरने के बाद गहराई में चला गया और डूबने लगा। पास में नहा रही उसकी तीन बहनों ने भाई को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। पानी गहरा होने के कारण वे भी संभल नहीं सकीं और चारों डूब गए।
एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर तलाश शुरू की और काफी मशक्कत के बाद तीन बहनों के शव बाहर निकाल लिए गए। हालांकि युवक रवि का पता नहीं चल सका।
इसके बाद एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। टीम ने कुंड में तलाशी अभियान चलाया और हादसे के करीब छह घंटे बाद सुबह लगभग 10 बजे युवक का शव भी बाहर निकाल लिया।
पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर सामुदायिक अस्पताल सरमथुरा की मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
एक साथ बुझ गईं चार जिंदगियां
पुलिस के अनुसार हादसे में मृतकों की पहचान रवि उर्फ भोलू (21), बोटो (25), मनोरमा (24) और कल्लो (18) के रूप में हुई है। चारों आपस में भाई-बहन थे और मोरोली क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
जात करने आए थे, लौटे चार शव
धौंध-बिरजा क्षेत्र स्थित विरजा धाम में लोक देवता हीरामन बाबा का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां आयोजित होने वाली जात में आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मोरोली गांव से भी ग्रामीण धार्मिक आयोजन में शामिल होने आए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि आस्था के इस सफर का अंत परिवार के लिए इतनी बड़ी त्रासदी के रूप में होगा। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।