सिरोही, 11 अगस्त। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026 के तहत जिले के किसानों को कम प्रीमियम पर अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराने का अवसर मिल रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ दिलाने को लेकर डीओआईटी सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैंकर्स एवं संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलेभर में योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और पात्र किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि मौसम की अनिश्चितता के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले का कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित नहीं रहे।
0.30 प्रतिशत प्रीमियम पर फसल बीमा
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. हेमराज मीणा ने योजना की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ 2026 में किसानों को निर्धारित फसलों का बीमा बेहद कम प्रीमियम पर कराया जा रहा है। किसानों के लिए तिल, मूंग, उड़द, मक्का, मूंगफली, ग्वार, ज्वार, कपास और बाजरा जैसी फसलों का बीमा 16 अगस्त 2026 तक कराया जा सकता है।
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किसान सीएससी केंद्र, संबंधित बैंक अथवा बीमा कंपनी के माध्यम से फसल बीमा करवा सकते हैं। कृषि विभाग की ओर से ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित कर किसानों को योजना की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अंतिम तारीख का इंतजार न करें किसान
प्रशासन ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपनी खरीफ फसलों का बीमा करवाएं, ताकि प्राकृतिक आपदा या मौसम संबंधी जोखिम से होने वाली फसल क्षति की स्थिति में योजना का लाभ मिल सके।
योजना की जानकारी के लिए संपर्क:
– सिरोही: किशोर कुमार – 8058571084
– शिवगंज: राकेश कुमार गर्ग – 8107276916
– रेवदर: वीरेन्द्र कुमार – 9983567674
– पिंडवाड़ा: डायाराम – 9587385698
– देलदर: विशाल – 9828115575
– आबूरोड: भरत कुमार – 9680013919
बैठक में लीड बैंक अधिकारी उम्मेदाराम मीना, जिला विकास प्रबंधक गौतम थोरी, सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक पूनाराम चोयल, क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव मोहे, परियोजना निदेशक शंकरलाल सोलंकी, उपनिदेशक सांख्यिकी सियाराम मीना सहित कृषि विभाग के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि एवं फसल बीमा योजना से जुड़े जिला और तहसील समन्वयक मौजूद रहे।