नई दिल्ली/सिरोही: [ रिपोर्टर, महेंद्र सिंह परिहार ] जालौर-सिरोही से सांसद लुम्बाराम चौधरी ने मंगलवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार से गुहार लगाई कि गरीब और मध्यम वर्ग के लाखों निवेशकों की गाढ़ी कमाई का फंसा हुआ पैसा जल्द से जल्द वापस दिलाया जाए।
गरीबों और मजदूरों की मेहनत की कमाई पर फिरा पानी
सदन को संबोधित करते हुए सांसद चौधरी ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र जालौर सहित देशभर में गरीब किसानों, दैनिक मजदूरों, ठेले-रिक्शा वालों, नरेगा श्रमिकों और छोटे व्यापारियों को लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर सोसाइटी में निवेश कराया गया था। परिपक्वता अवधि (Maturity) पूरी होने पर जब लोगों ने अपने पैसे मांगे, तो सोसाइटी प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए।
राजस्थान के 10 लाख निवेशकों के ₹8,000 करोड़ डूबे
सांसद ने सदन के पटल पर आंकड़े रखते हुए बताया:
शाखाएं और निवेशक: केवल राजस्थान में इस सोसाइटी की 309 शाखाएं संचालित थीं, जिनमें लगभग 10 लाख लोगों ने निवेश किया था।
डूबी हुई राशि: राजस्थान के निवेशकों का करीब 8,000 करोड़ रुपया इस घोटाले में फंसा हुआ है।
सेल कंपनियों में ट्रांसफर: सोसाइटी ने विभिन्न अधिनियमों के नियमों को ताक पर रखकर निवेशकों का पैसा अपनी शैल (Shell) कंपनियों में ट्रांसफर कर धोखाधड़ी की।
संपत्तियां जब्त, लिक्विडेटर नियुक्त
चौधरी ने बताया कि नियमों के उल्लंघन के कारण सोसाइटी की संपत्तियों को कुर्क (Attach) कर लिया गया है, बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है और परिसमापन (Liquidation) की प्रक्रिया के लिए लिक्विडेटर नियुक्त किया जा चुका है।
उन्होंने केंद्र सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित निवेशकों को उनकी जमा राशि जल्द से जल्द वापस दिलाई जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।