बाड़मेर | 06 अगस्त 2026 शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को कोविड-19 महामारी के दौरान छात्रों के हितों को लेकर हुए आंदोलन से जुड़े एक पुराने मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। उदयपुर की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद उन्हें दोषमुक्त घोषित कर दिया। फैसले के बाद भाटी ने सोशल मीडिया पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए लिखा— “सत्यमेव जयते”।
कोविड काल में रविन्द्र सिंह भाटी विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष थे। उस समय आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे विद्यार्थियों से फीस वसूली का विरोध करते हुए उन्होंने छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था। आंदोलन के बाद उन्हें छात्रसंघ अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया, जिसके बाद विरोध और तेज हो गया। छात्र हितों को लेकर उन्होंने प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन किए और जयपुर में विधानसभा घेराव आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
इन्हीं आंदोलनों के दौरान दर्ज विभिन्न मामलों में से एक प्रकरण उदयपुर न्यायालय में विचाराधीन था। अदालत ने साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर रविन्द्र सिंह भाटी को सरकारी आदेश की अवहेलना, सरकारी कार्य में बाधा, महामारी अधिनियम सहित लगाए गए आरोपों से दोषमुक्त करार दिया।
भाटी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने बताया कि न्यायालय के फैसले से उनके मुवक्किल को पूर्ण कानूनी राहत मिली है। इस निर्णय को छात्र आंदोलन से जुड़े समर्थकों ने महत्वपूर्ण फैसला बताया है।