बाड़मेर, 06 जुलाई। राजस्थान में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। ‘राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 प्रारूप समिति’ की सदस्या डॉ. शुची चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को बाड़मेर जिले के लिए एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से हुई इस सुनवाई में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर अपने सुझाव और विचार साझा किए।
अटल सेवा केंद्र में जुटे जिले के आला अधिकारी
जिला मुख्यालय पर स्थित अटल सेवा केंद्र में इस वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के दौरान प्रशासनिक अमला और शहर के प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे। जनसुनवाई के लिए गठित विशेष पैनल में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
प्रशासनिक नेतृत्व: जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार और यूआईटी सचिव विवेक व्यास।
विभागीय एवं विधि अधिकारी: उपखंड अधिकारी यशार्थ शेखर व केशव मीना, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी दिलीप जैन, कोषाधिकारी जसराज चौहान और मुख्य विधि अधिकारी हेमंत धनदे।
सामाजिक एवं अन्य प्रतिनिधि: समाजसेवी रमेशसिंह इंदा, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक प्रहलादसिंह राजपुरोहित और अतिरिक्त विकास अधिकारी ओंकारदान सहित कई वरिष्ठ एडवोकेट्स और जनप्रतिनिधि।
डिजिटल माध्यम से भी दे सकते हैं अपनी राय
पारदर्शिता और जन-भागीदारी पर जोर: राज्य सरकार ‘राजस्थान समान सिविल संहिता-2026 विधेयक’ का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करने के लिए पूरी तरह से जनता की राय को प्राथमिकता दे रही है।
यदि कोई नागरिक इस जनसुनवाई में शामिल नहीं हो सका है, तो उसके लिए डिजिटल विकल्प भी खुला रखा गया है। आमजन अपने सुझाव ऑनलाइन माध्यम से सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं:
आधिकारिक वेबसाइट: नागरिक सीधे समान नागरिक संहिता की ऑफिशियल वेबसाइट https://ucc.rajasthan.gov.in पर जा सकते हैं।
क्यूआर कोड सुविधा: वेबसाइट पर उपलब्ध या जारी किए गए क्यूआर-कोड को स्कैन करके भी सीधे सुझाव सबमिट करने वाले पेज पर पहुंचा जा सकता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा संतुलित और समावेशी कानून तैयार करना है जिसमें समाज के हर वर्ग की भावनाओं और सुझावों का सम्मान हो सके।