महिलाओं के सम्मानजनक व सुरक्षित कार्यस्थल के लिए जागरूकता अभियान, शिकायत प्रक्रिया और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
सिरोही, 3 जुलाई।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही में शुक्रवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act) विषयक जागरूकता एवं संवेदनशीलता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही के अध्यक्ष के निर्देशानुसार आयोजित हुआ।
शिविर में न्यायालय की महिला कार्मिकों, जिला पुलिस की महिला कार्मिकों तथा महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकार, यौन उत्पीड़न से जुड़े कानूनी प्रावधान, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति (Internal Committee) की भूमिका तथा नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सवित्री आनंद निर्भीक ने कहा कि प्रत्येक संस्थान का दायित्व है कि वह महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभावमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित करे तथा POSH Act का प्रभावी पालन करे। उन्होंने पीड़िता के अधिकार, शिकायत निवारण प्रक्रिया और गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधानों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता विभाग अंकिता राजपुरोहित ने बताया कि यौन उत्पीड़न की शिकायत किस प्रकार और निर्धारित समयावधि में दर्ज कराई जा सकती है, शिकायत की जांच कैसे होती है तथा निर्णय से असंतुष्ट होने पर पीड़िता को न्यायालय में अपील करने का अधिकार भी प्राप्त है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिनियम में दुर्भावनापूर्ण या जानबूझकर झूठी शिकायतों के संबंध में भी कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रतन बाफना, न्यायालय एवं जिला पुलिस की महिला कार्मिक, महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का स्टाफ मौजूद रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों से महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने तथा अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया गया।