ग्रामीण सेवा शिविर के तहत सनवाडा में आयोजित शिविर के दौरान पुष्पा कंवर पत्नी जशवंत सिंह और शैतान सिंह पुत्र जब्बर सिंह एवं राघवेन्द्र सिंह पुत्र जशवंत सिंह सह खातेदारों द्वारा आपसी सहमति से कृषि भूमि के बटवारे हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।
राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 की धारा 53(2)(1) के अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही करते हुए सभी पक्षो की पूर्ण सहमति एवं राजीनामे के आधार पर कृषि भूमि का विधिवत बटवारा किया गया। बटवारे के उपरान्त प्रत्येक खातेदार को उसकी हिस्सेदारी की भूमि पृथक रूप से जमाबंदी में दर्ज कर दी गई।
इस बटवारे से वर्षो से लंबित भूमि संबंधी विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हुआ तथा सभी पक्षों की सहमति से मामला निस्तारित होने पर भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की संभावना समाप्त हो गई। अब सभी खातेदार अपनी अपनी भूमि पर स्वतंत्र रूप से कृषि कार्य कर सकेंगे।
शिविर में मौके पर ही त्वरित एवं पारदर्शी कार्यवाही होने पर सभी खातेदारों ने राजस्थान सरकार, राजस्व विभाग एवं ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त किया। यह सफलता ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के माध्यम से ग्रामीणों को समयबद्ध, सरल एवं प्रभावी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।