जनभावना का सम्मान: माउंट आबू का नाम पुनः ‘आबूराज’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया लोकार्पण
आबूराज। ( रिपोर्टर, महेंद्र सिंह परिहार ) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को सिरोही जिले के ऐतिहासिक आबूपर्वत का नाम पुनः ‘आबूराज’ घोषित करते हुए कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गुलामी के प्रतीकों को मिटाकर राष्ट्र के आत्मसम्मान और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘आबूराज’ केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि जनता की आस्था, संत समाज की भावना और भारतीय संस्कृति का सम्मान है।
आबूराज में आयोजित धन्यवाद सभा एवं संत समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ रहा है तथा विभिन्न संस्थानों और स्थलों के नाम भारतीय मूल्यों के अनुरूप पुनर्स्थापित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिरोही जिले को 74 करोड़ रुपये से अधिक के 41 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 37 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक लागत के 16 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 36 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक लागत के 25 विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल है। पुलिस प्रशासनिक भवन, उप स्वास्थ्य केंद्र, अटल प्रगति पथ, छात्रावास भवन, बस स्टैंड तथा विभिन्न सड़कों और कार्यालय भवनों के निर्माण कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विरासत है और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को आबूराज में विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के विकास, किसानों के कल्याण, युवाओं को रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण और गरीबों के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, सांसद लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम, महंत प्रतापपुरी सहित बड़ी संख्या में संत समाज, श्रद्धालु एवं आमजन उपस्थित रहे।