बीसवें सांख्यिकी दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
सिरोही। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर की अध्यक्षता में सोमवार को आत्मा सभागार में 20वें जिला स्तरीय सांख्यिकी दिवस समारोह का आयोजन हुआ। उन्होंने कहा कि प्रो. पी.सी. महालनोबिस ने सांख्यिकी को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया।
जिला कलेक्टर ने कहा कि आधुनिक तकनीकी को अपनाकर सटीक आंकड़ों के द्वारा सुशासन और प्रभावी नीति निर्माण किया जा सकता हैं। जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने कहा कि देश के विकास में सांख्यिकीय आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण और उपयोग में तीव्रता तथा शुद्धता का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि अच्छी नीतियों के निर्माण के लिए आंकड़ों की शुद्धता अति आवश्यक हैं। उन्हांेने आज के आईटी युग में आंकड़ों का महत्व समझने तथा एआई तकनीकी की महत्ता के बारे में भी बताया। जिला कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों के प्रभावी निर्धारण तथा मूल्यांकन में एआई का उपयोग भी आवश्यक है। एआई के उपयोग द्वारा गुणवत्ता परक आंकडे एकत्रित कर लोगों को बेहतर प्रशासन दिया जा सकता है। वर्तमान में चल रही जनगणना के आंकडों द्वारा जिले की आगामी 10 वर्ष की योजनाओं का निर्धारण किया जाएगा। अतः सटीक आकडे अतिआवश्यक है जो सांख्यिकी द्वारा ही प्राप्त किये जा सकते हैं। जो आंकडे है उन्हें क्रियान्वित कर लोकहित में बेहतर परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं। आंकड़ों के द्वारा मांग और आपूर्ति के संबंध में बेहतर निर्णय लिया जा सकता है।
उप निदेशक, सांख्यिकी सियाराम मीना ने कहा कि बदलते समय में डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से आंकड़ों के संकलन और विश्लेषण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सांख्यिकी दिवस की थीम के अनुरूप प्रशासनिक आंकड़ों के क्रियान्वयन पर बल दिया गया।
सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रणवीर सिंह चौहान ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रो. पी.सी.् महालनोबिस के जीवन पर प्रकाश डाला तथा सांख्यिकी दिवस का उद्देश्य आमजन और विभिन्न विभागों में सांख्यिकी के महत्व को बताया। प्रशासनिक आंकड़ों के समुचित उपयोग से योजनाओं की प्रभावशीलता और पारदर्शिता बढ़ाई जा सकती है। कार्यक्रम में जिले के सांख्यिकी के समस्त विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।