ज्ञानदीप सेवाकेंद्र में 300 से अधिक भाई-बहनों ने लिया नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प
आबूरोड। मानपुर स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञानदीप सेवाकेंद्र में रक्षाबंधन के अवसर पर परमात्म रक्षासूत्र कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक संदेश के साथ सामाजिक सरोकार को भी प्रमुखता दी गई। ब्रह्माकुमारी बहनों ने 300 से अधिक भाई-बहनों को परमात्म रक्षासूत्र बांधकर नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग देने का संकल्प कराया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजयोगिनी बीके रुक्मणी दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन का वास्तविक संदेश केवल बाहरी सुरक्षा तक सीमित नहीं है। मनुष्य को अपने मन और बुद्धि की भी रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्म स्मृति, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के माध्यम से व्यक्ति अपनी कमजोरियों तथा बुरी आदतों पर विजय प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि नशे की लत का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार की खुशियां और समाज की शांति भी प्रभावित होती है। ऐसे में हर व्यक्ति को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का प्रयास करना चाहिए।
समाज को नशामुक्त बनाने में हर नागरिक की भूमिका जरूरी
सेवाकेंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके भारती दीदी ने कहा कि रक्षासूत्र हमें अपने जीवन को बुराइयों से सुरक्षित रखने की प्रेरणा देता है। नशामुक्त समाज का निर्माण किसी एक व्यक्ति, संस्था या प्रशासन के प्रयास से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि परिवार और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जाए तथा बच्चों और युवाओं को सकारात्मक दिशा दी जाए, तो स्वस्थ और संस्कारवान समाज की नींव मजबूत की जा सकती है।
युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर
बीके रत्न यादव ने कहा कि नशे की आदत व्यक्ति की निर्णय क्षमता और सोच को प्रभावित करती है। युवाओं को नशे से दूरी बनाकर शिक्षा, खेल, सेवा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाई-बहनों ने नशामुक्त जीवन जीने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। बीके सीमा दीदी ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों एवं भाई-बहनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर रक्षाबंधन के आध्यात्मिक एवं सामाजिक संदेश को आत्मसात किया।