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सिरोही : तेजस कार्यशाला से युवाओं में जगा उद्यमिता का उत्साह; जिला कलेक्टर ने नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का दिया संदेश

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सिरोही में ‘तेजस’ कार्यशाला का आयोजन: आई-स्टार्ट राजस्थान की पहल से जिले के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

गौरतलब है कि यह स्टार्टअप इंडिया उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग डीपीआईआईटी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार की एक पहल है जिसका मकसद जिला स्तर पर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और पूरे राज्य में उद्यमिता को बढावा देना है।

तेजस (ट्रांसफॉर्मिंग एंटरप्रेन्योरियल जर्नीज अक्रॉस स्टेट्स एंड डिस्ट्रिक्ट्स) कार्यशाला में जिले के औद्योगिक तंत्र को मजबूत करने और नवाचारों को बढावा देने के उद्देश्य से छात्र, उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, उद्योग प्रतिनिधी, शिक्षाविद और सरकारी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने जिले में उद्यमिता को बढावा देने के लिए स्थानीय औद्योगिकी क्षमताओं, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय प्रतिभाओं की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से उद्यामिता और नवाचार अपनाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि तेजस जैसी पहल उद्यमिता को प्रेरित करने और जिले की आर्थिक क्षमता को उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि जिले में उद्योग से सम्बन्धित विपुल संभावनाएं हैं साथ ही सरकार, शिक्षा संस्थान, युवा, उद्योग और स्टार्टअप्स के माध्यम से क्षेत्र को औद्योगिक दृष्टि से मजबूत किया जा सकता है।

डीओआईटी के संयुक्त निदेशक गोविंद चौधरी ने स्टार्टअप्स के सम्बन्ध में प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावी उद्यमियों को राजस्थान के स्टार्टअप इकोसिस्टम, इनक्यूबेशन सहायता और नवाचार केन्द्रित कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए प्रौत्साहित किया। उन्होंने आई स्टार्ट लांच पेड में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न संस्थानों एवं आईडियाज से संबंधित अवसरों की भी जानकारी दी।

स्टार्टअप इंडिया डीपीआईआईटी के प्रतिनिधि अनुभव ने प्रतिभागियों को भारत में विभिन्न स्टार्टअप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, सरकारी सहायता योजनाएं, फंडिंग, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, इंटलेक्चुअल प्रोपर्टी विनियामक सुविधा और बाजार पहुंच भी सम्मिलित थी। उन्होंने तेजस के माध्यम से जिला स्तरीय नवाचार तंत्र को मजबूत करने में स्टार्टअप इंडिया के दृष्टिकोण को रेखांकित किया।

सत्र का प्रारंभ आईस्टार्ट राजस्थान इकोसिस्टम एवं अटल इनोवेशन स्टूडियो और एक्सीलेरेटर प्रोग्राम के बारे में डीओआइटी के प्रोग्रमार हरिओम सोनी द्वारा किया गया। इसके बाद वर्तिका सोनी, आयुषी मिंज ने भी प्रोग्राम के बारे में बताया।

जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक अनंत आर्य ने स्थानीय उद्योग एवं विभिन्न संभावनाओं के बारे में बताया। जिले में विभिन्न नवाचारों के माध्यम से किये जाने वाले उद्यमों के संबंध में पेनल डिस्कशन हुआ जिसका संचालन सिंधल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के जनक राठोड ने किया और पैनल डिस्कशन में जय ओझा, आदित्य पटनी, प्रणय शर्मा, नितेश परमार सम्मिलित हुए। राजकीय पीजी कॉलेज के प्रोफेसर जी वी मिश्रा ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने प्रतिभागियों के बीच जाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उनके द्वारा किये जा रहे विभिन्न नवाचारों की जानकारी ली साथ ही प्रेरक संवाद भी किया।

विभिन्न क्षेत्रों के उत्साही प्रतिभागियों की भागीदारी से जिले में नवाचारों और उद्यमिता के विकास को गति मिलेगी।

इस दौरान डीओआईटी के एसीपी वेणीगोपाल, विधि महाविद्यालय की सहा आचार्य अनुपमा उज्ज्वल, राजकीय पीजी महाविद्यालय के सहायक आचार्य गायत्री प्रसाद, प्रोग्रामर नेहा राठौड सहित अन्य उपस्थित थे।

आई स्टार्ट राजस्थान, राज्य सरकार की एक पहल हैं, जिसे राजस्थान के युवा उद्यमियों, स्टार्टअप्स और इनोवेटिव विचारों को समर्थन देने के लिए शुरू किया गया हैं। योजना के उद्देष्य राज्य में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण बनाना, रोजगार के अवसर पैदा करना, और नवाचार को बढ़ावा देना हैं। उक्त योजनान्तर्गत राजस्थान के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर महाविद्यालय एवं विद्यालय स्तरीय एक-एक आई स्टार्ट लांच पेड स्थापित किये गये हैं।

आई स्टार्ट लांच पेड के मुख्य उद्देश्यः-

1. महाविद्यालय एवं विद्यालय स्तरीय छात्रों के मध्य उद्यमिता को प्रोत्साहित करना एवं उनके व्यवसाय या नवीन विचारों के बारे मे सलाह देना और उनका समर्थन करना।

2. स्थानीय स्तर विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमिता एवं नवाचार के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करना।

3. स्टार्ट अप्स को तकनीकी सहायता,ट्रेनिंग, मेंटरशिप, निवेशकों से जुड़ने के अवसर, और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना।

4. चयनित नवाचारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना।

सिरोही जिले में भी आई स्टार्ट लांच पेड की स्थापना करने हेतु राजकीय विज्ञान महाविद्यालय, सिरोही एवं महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (पुराना भवन), सिरोही का चयन कर स्थापना संबधी कार्य हेतु सिविल कार्य पूर्ण किया जा चुका हैं। आई स्टार्ट लांच पेड के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग द्वारा जिले में स्थापित महाविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों विद्यालयों में जाकर विगत दो वर्षाे में 4916 विद्यार्थियों को सरकार की उक्त पहल संबंधी जानकारी प्रदान कर अधिक से अधिक संख्या में अपनी सहभागिता देने हेतु प्रोत्साहित किया गया।

आई स्टार्ट लांच पेड कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में कुल 49 आउटरीच गतिविधियाँ आयोजित की गईं। आई स्टार्ट लांचपेड कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों में संचालित जागरूकता गतिविधियों द्वारा 2094 विद्यार्थीयों को कार्यक्रम से अवगत कराया गया है।

आई स्टार्ट में महाविद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों द्वारा अब तक वर्तमान में 32 स्टार्टअप पंजीकृत किये जा चुके है एवं 2822 छात्रों को आई स्टार्ट कार्यक्रम, स्टार्टअप संस्कृति एवं उद्यमिता से संबधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। महाविद्यालय स्तर पर 78 आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें विभिन्न ओरिएंटेशन, वर्कशॉप एवं इनावेशन-क्रेद्रित गतिविधियॉ शामिल हैं।

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