स्वरूपगंज (सिरोही)। पिंडवाड़ा ब्लॉक के स्वरूपगंज स्थित एक निजी अस्पताल को लेकर सोशल मीडिया पर प्रकाशित समाचार के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। समाचार के प्रकाशन के बाद अस्पताल संचालक ने खबर को अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
वहीं, सिरोही जालौर न्यूज़ समाचार प्रकाशित करने वाले पक्ष का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति की छवि धूमिल करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के समक्ष लाना है। यदि अस्पताल पूरी तरह नियमों के अनुरूप संचालित हो रहा है तो इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच से हो जानी चाहिए।
जनहित के दृष्टिकोण से यह आवश्यक है कि स्वास्थ्य विभाग निम्न बिंदुओं की निष्पक्ष जांच करे—
🟢 अस्पताल का वैध पंजीकरण एवं लाइसेंस।
🟢 उपचार करने वाले चिकित्सकों की वास्तविक उपस्थिति एवं योग्यता।
🟢 प्रदर्शित डॉक्टरों के नाम और मौके पर सेवाएं देने वाले चिकित्सकों का मिलान।
🟢 अस्पताल में उपलब्ध आवश्यक मानकों एवं सुविधाओं की जांच।
यदि जांच में अस्पताल पूरी तरह नियमों के अनुरूप पाया जाता है तो इससे अस्पताल की विश्वसनीयता बढ़ेगी। वहीं यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
सिरोही जालौर न्यूज़ का स्पष्ट उद्देश्य केवल जनहित के मुद्दों को जिम्मेदारी के साथ उठाना है। हमारा मानना है कि किसी भी विवाद का सर्वोत्तम समाधान निष्पक्ष प्रशासनिक जांच है, न कि आरोप-प्रत्यारोप। इसलिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से आग्रह है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर तथ्य सार्वजनिक किए जाएं, ताकि आमजन के मन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
(यदि अस्पताल प्रबंधन अपना पक्ष या दस्तावेज़ उपलब्ध कराना चाहता है, तो सिरोही जालौर न्यूज़ उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।)