राजस्थान: जयपुर शहर में शुरू हुई नई इलेक्ट्रिक बसें, CM ने खुद सवारी की, प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से चलेंगी 1150 बसें

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जयपुर: शहर में लंबे इंतजार के बाद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल दिशा देते हुए राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को अमर जवान ज्योति से जयपुर और भीलवाड़ा के लिए नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) के बेड़े में 29 नई ई-बसें शामिल की गई हैं, जबकि भीलवाड़ा में 18 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया है. मुख्यमंत्री ने खुद बस में सफर कर इसकी सुविधाओं का जायजा लिया और इसे प्रदेश के हरित तथा आधुनिक परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.

बीते करीब पांच वर्षों से कागजों में चल रही ई-बस परियोजना अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अमर जवान ज्योति से इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और खुद बस में यात्रा कर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का अनुभव लिया. इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को भीषण गर्मी में एयर कंडीशनर सुविधा का लाभ मिलेगा, वहीं शहरों में वायु और ध्वनि प्रदूषण में भी कमी आएगी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से कुल 1,150 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी. इनमें पहले चरण में 675 और दूसरे चरण में 475 बसों को स्वीकृति दी गई है.

कार्यक्रम के दौरान दिखा गर्मी का असर:

इलेक्ट्रिक बसों के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान गर्मी का भी असर देखने को मिला. यहां कार्यक्रम में भीड़ जुटाने में प्रशासन के पसीने छूट गए और नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को बुलाना पड़ा. हालांकि, गर्मी इतनी तेज थी कि ये सफाई कर्मचारी भी ज्यादा देर नहीं रुके. इसी दौरान एक महिला पुलिसकर्मी गश खाकर गिर पड़ी और उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया.

गुलाबी रंग में दिखी जयपुर की पहचान:

नई इलेक्ट्रिक बसों को गुलाबी रंग से रंगा गया है, जो जयपुर की पहचान को दर्शाता है. बसों का आकर्षक डिजाइन और आधुनिक सुविधाएं इन्हें पारंपरिक डीजल बसों से अलग बनाती हैं. मुख्यमंत्री ने बसों की नॉइस-फ्री और एयर पॉल्यूशन-फ्री यात्रा का अनुभव लेते हुए कहा कि भविष्य में सार्वजनिक परिवहन का आधार ऐसी ही हरित तकनीक बनेगी.

यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं:

नई ई-बसों में यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. बसों में एयर कंडीशनर, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, ऑटोमेटिक पैसेंजर काउंटर सिस्टम, डिजिटल पैसेंजर डिस्प्ले, फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट एड किट लगाई गई हैं. प्रत्येक बस में लगभग 35 यात्रियों के बैठने की क्षमता है तथा सभी सीटों पर सीट बेल्ट लगाई गई हैं. महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए गए हैं, जबकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चोरी की घटनाओं पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी निगरानी रहेगी.

दिव्यांगजन भी कर सकेंगे आसान सफर:

बसों को दिव्यांगजन-अनुकूल बनाया गया है. इसके लिए विशेष हाइड्रोलिक व्हीलचेयर लिफ्ट और व्हीलचेयर स्पेस की व्यवस्था की गई है. इससे शारीरिक रूप से दिव्यांग यात्रियों को बस में चढ़ने-उतरने में आसानी होगी.

सुरक्षा के लिए चार इमरजेंसी एग्जिट:

बसों में दो ऑटोमेटिक एंट्री-एग्जिट डोर के अलावा चार इमरजेंसी एग्जिट गेट बनाए गए हैं. आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए खिड़कियों के पास विशेष हैमर लगाए गए हैं, जिनकी सहायता से शीशे तोड़कर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा. आगजनी जैसी घटनाओं से बचाव के लिए बस के महत्वपूर्ण हिस्सों में फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं.

जीपीएस ट्रैकिंग और लाइव मॉनिटरिंग:

सभी बसें अत्याधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से लैस हैं. इनके संचालन की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे बसों की लोकेशन और संचालन पर लगातार नजर रखी जा सकेगी. इससे यात्रियों को भी बसों की समयबद्धता का लाभ मिलेगा. वहीं, जयपुर मेट्रो की तर्ज पर इन बसों में भी अगला बस स्टॉप आने की सूचना डिजिटल डिस्प्ले के जरिए दी जाएगी. इससे नए यात्रियों और बाहरी लोगों को गंतव्य पहचानने में सुविधा होगी.

नई ई-बसों की खासियतें:

🔹पूरी तरह एयर कंडीशंड बसें

🔹लगभग 35 सीटों की क्षमता

🔹प्रत्येक सीट पर सीट बेल्ट

🔹सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन

🔹ऑटोमेटिक पैसेंजर काउंटर सिस्टम

🔹डिजिटल डिस्प्ले और ऑडियो अनाउंसमेंट

🔹जीपीएस ट्रैकिंग और लाइव मॉनिटरिंग

🔹चार इमरजेंसी एग्जिट गेट

🔹फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट एड किट

🔹दिव्यांगजन के लिए व्हीलचेयर लिफ्ट

🔹जीरो नॉइस और जीरो पॉल्यूशन

इन रूटों पर दौड़ेंगी ई-बसें: नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन फिलहाल तीन प्रमुख रूटों पर किया गया है। इन रूटों पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक यात्रा सुविधा मिलेगी.

4ए रूट: कानोता से चौमूं पुलिया

3 रूट: ट्रांसपोर्ट नगर से द्वारकापुरी

1ए रूट: ट्रांसपोर्ट नगर से वीकेआई 17 नंबर रोड

प्रदेश में हरित परिवहन की बड़ी शुरुआत: हालांकि, फिलहाल 29 बसों का संचालन शुरुआत भर है, लेकिन इसे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण, महंगे ईंधन और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच इलेक्ट्रिक बसें शहरी परिवहन का भविष्य मानी जा रही हैं.

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