31 जुलाई की डेडलाइन पर बढ़ा दबाव, हाईकोर्ट के आदेश की पालना को लेकर अवमानना की चेतावनी
जयपुर | 02 जुलाई 2026 (गुरुवार) राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों को लीगल नोटिस जारी कर हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर गंभीर आपत्ति जताई है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो अदालत में अवमानना याचिका दायर की जा सकती है।
अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, लेकिन अभी तक चुनावी तैयारियां अपेक्षित स्तर पर शुरू नहीं हुई हैं। ऐसे में न्यायालय के आदेश की पालना को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इधर, पंचायत-निकाय चुनाव के लिए ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े सर्वे की तैयारी भी जारी है। जानकारी के अनुसार 8 जुलाई से सर्वे शुरू कर 20 जुलाई तक पूरा करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के मानदेय के लिए बजट जारी नहीं होने की बात भी सामने आई है, जिससे प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
चुनाव की समयसीमा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष द्वारा चुनाव अक्टूबर से दिसंबर के बीच कराने संबंधी बयान पर संयम लोढ़ा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे हाईकोर्ट के निर्देशों के विपरीत बताया है।
वहीं, पूर्व मुख्य सचिव एवं पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त इंद्रजीत खन्ना का भी मानना है कि पंचायत और निकाय चुनाव समय पर नहीं होना संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने स्पष्टता और संवैधानिक प्रावधानों के पालन के लिए न्यायालय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा तय 31 जुलाई की समयसीमा में अब केवल 29 दिन शेष हैं। ऐसे में चुनावी तैयारियों की रफ्तार और सरकार-निर्वाचन आयोग की अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।