जयपुर | 30 अगस्त 2026 राजस्थान में फिलहाल मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, लेकिन सितंबर की शुरुआत के साथ मौसम एक बार फिर करवट लेने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में 3 सितंबर से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं 4 से 7 सितंबर के बीच कई संभागों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटे में और मजबूत होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
4 से 7 सितंबर तक इन संभागों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 4 से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में फिलहाल मानसून कमजोर रहने की संभावना है।
हालांकि 5 से 8 सितंबर के बीच बीकानेर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
5 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम
31 अगस्त: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना।
1 सितंबर: उदयपुर संभाग में बारिश के आसार।
2 सितंबर: भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में बारिश की संभावना।
3 से 5 सितंबर: भरतपुर, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार।
कई जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 1 सितंबर को भरतपुर, डीग और धौलपुर में मेघगर्जन एवं वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
वहीं 2 सितंबर को अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में कहीं-कहीं मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 3 सितंबर को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान के बांधों में 57.70 फीसदी पानी
प्रदेश में मानसून की स्थिति के साथ बांधों में पानी की आवक के आंकड़े भी सामने आए हैं। राज्य के बांधों में कुल भराव क्षमता का 57.70 प्रतिशत पानी उपलब्ध बताया गया है। पिछले 24 घंटे में करीब 22.44 एमक्यूएम पानी की आवक दर्ज की गई।
15 जून से अब तक बांधों में कुल भराव क्षमता के मुकाबले 13.24 प्रतिशत पानी की आवक हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में बांधों में कुल भराव क्षमता का 82.94 प्रतिशत पानी उपलब्ध था।
वहीं जयपुर जोन के बांधों में वर्तमान में कुल भराव क्षमता का 57.91 प्रतिशत पानी बताया गया है।
कुल मिलाकर सितंबर के पहले सप्ताह में राजस्थान के पूर्वी और कुछ पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।