झाला की चौकी में फायरिंग की घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। गिरफ्तारी की मांग को लेकर व्यापारियों ने बाजार बंद कर धरना दिया, लेकिन पुलिस वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त हो गया, जांच तेज कर दी गई है। मामले की जांच जारी।
रायपुर के झाला की चौकी क्षेत्र में शराब कारोबारी के घर फायरिंग के विरोध में सोमवार को बाजार बंद कर धरना प्रदर्शन करते ग्रामीण और समझाइश देते पुलिस अधिकारी।
झाला की चौकी क्षेत्र में हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना के बाद सोमवार को हालात उस समय गरमा गए जब ग्रामीणों और व्यापारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर बाजार बंद कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के आश्वासन और वार्ता के बाद यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।
घटना रविवार शाम की बताई जा रही है, जब बाइक सवार अज्ञात बदमाश शराब कारोबारी धर्मीचंद मेवाड़ा के मकान के बाहर पहुंचे और अचानक फायरिंग कर फरार हो गए। इस दौरान बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली मकान की खिड़की में जा लगी, जिससे शीशा टूट गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और भय का माहौल फैल गया।
सूचना मिलते ही रायपुर वृत्ताधिकारी बंसीलाल पांडर, सेंदड़ा थाना प्रभारी हरिराम चौधरी तथा ब्यावर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर जांच शुरू करवाई। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और कई संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है।
सोमवार को घटना के विरोध में ग्रामीणों और व्यापारियों ने संयुक्त रूप से बाजार बंद रखते हुए धरना-प्रदर्शन किया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई। सूचना पर बर थाना प्रभारी पन्नालाल भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
बर थाना प्रभारी पन्नालाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं पर जांच जारी है और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस के आश्वासन और सकारात्मक संवाद के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया, जिसके बाद क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो गई। हालांकि, इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।