जयपुर: राजस्थान प्रशासनिक गलियारे से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सिस्टम की सजगता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। तबादलों के आखिरी दिन राजस्व मंडल (Revenue Board) द्वारा जारी की गई पटवारियों की ट्रांसफर लिस्ट में एक सिटिंग भाजपा विधायक का नाम शामिल कर दिया गया। आदेश की प्रति सोशल मीडिया पर आते ही जंगल की आग की तरह वायरल हो गई, जिसके बाद विभाग को इसे “मानवीय भूल” बताकर अपना पल्ला झाड़ना पड़ा।
🔍 लिस्ट में नंबर 609 पर क्या थी गड़बड़?
मामला डीग-कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. शैलेश दिगंबर सिंह से जुड़ा है। दरअसल, विभाग द्वारा जारी तबादला सूची के क्रमांक 609 पर पूर्व सैनिक और वर्तमान पटवारी नरेंद्र सिंह का नाम दर्ज होना था।
पटवारी नरेंद्र सिंह का तबादला बालोतरा जिले के ‘नवोड़ा का बेरा, पाटोदी’ से डीग जिले के ‘सोनगांव’ में किया जाना था।
लेकिन लिस्ट तैयार करते समय ऑपरेटर या अधिकारियों की बड़ी लापरवाही के चलते पटवारी के नाम की जगह सीधे स्थानीय विधायक का नाम टाइप कर दिया गया।
असर: इस तकनीकी और कागजी चूक के कारण फिलहाल पटवारी नरेंद्र सिंह अपनी नई जगह पर जॉइनिंग नहीं कर पाएंगे। इसके लिए राजस्व विभाग को अब एक अलग से संशोधित आदेश (शुद्धिपत्र) जारी करना होगा।
📱 सोशल मीडिया पर खिंचाई, विधायक का फोन बंद
जैसे ही 924 पटवारियों की यह लिस्ट सार्वजनिक हुई, लोगों की नजर सीरियल नंबर 609 पर पड़ी। विधायक का नाम पटवारी की जगह ट्रांसफर लिस्ट में देखकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया और सोशल मीडिया पर विभाग की जमकर किरकिरी होने लगी। इस पूरे वाकये पर जब मीडिया ने खुद विधायक शैलेश दिगंबर सिंह का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका मोबाइल फोन बंद (स्विच ऑफ) पाया गया।
📋 आखिरी दिन हुए थे बंपर तबादले
गौरतलब है कि राजस्थान में तबादलों की समयसीमा खत्म होने के आखिरी दिन राजस्व विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया था। इस दौरान:
924 पटवारियों के तबादले किए गए।
552 तहसीलदार और 246 नायब तहसीलदारों को इधर-उधर किया गया।
165 गिरदावरों (कानूनगो) की भी सूचियां जारी हुईं।
इतने बड़े स्तर पर हुए फेरबदल के बीच हुई इस ‘ब्लंडर’ ने बाकी सभी तबादलों को पीछे छोड़ दिया है और अब यह सरकार तथा प्रशासन के लिए चर्चा और किरकिरी का मुख्य विषय बन गई है।