‘अब सीएम से ही होगी बात’, आरक्षण नहीं मिला तो उग्र आंदोलन और कूच की चेतावनी
घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु (डीएनटी) समुदाय ने 10 प्रतिशत आरक्षण समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार से जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापड़ाव शुरू कर दिया। राजस्थान के अलावा पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। संभावित प्रदर्शन को देखते हुए स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस का सुरक्षा बंदोबस्त बढ़ा दिया गया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार के साथ हुई कई दौर की वार्ताओं का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। पशुपालन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी रायका ने कहा कि सरकार को शाम 4 बजे तक का समय दिया गया है। यदि तय समय तक सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन की अगली रणनीति घोषित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब मुख्यमंत्री स्तर से कम किसी अधिकारी के साथ बातचीत स्वीकार नहीं होगी।
डीएनटी समुदाय के प्रदेशाध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग 10 प्रतिशत आरक्षण, घुमंतु परिवारों को स्थायी आवास के पट्टे, जातियों के नामों में मौजूद विसंगतियों को दूर करने सहित 11 बिंदुओं पर आधारित है। उनका दावा है कि सरकारी रिकॉर्ड में 32 जातियां दर्ज हैं, जबकि वास्तव में 53 घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु जातियां इस वर्ग में आती हैं।
आंदोलनकारियों के अनुसार यदि सरकार की ओर से संतोषजनक पहल नहीं होती है तो महापड़ाव के बाद पैदल मार्च निकालते हुए शहीद स्मारक पहुंचा जाएगा। वहां आगे की रणनीति तय कर विधानसभा घेराव या मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का निर्णय लिया जाएगा। समुदाय ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।