हनुमानगढ़ | राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में कांग्रेस के पीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल गंभीर आरोपों के चलते विवादों में आ गए हैं। कांग्रेस की पूर्व पार्षद शारदा पूनिया ने विधायक पर पालिकाध्यक्ष बनाने के नाम पर 60 लाख रुपये लेने, रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले में विधायक के पीएसओ का नाम भी शिकायत में शामिल किया गया है।
क्या हैं आरोप?
शिकायत के अनुसार, पूर्व पार्षद शारदा पूनिया का आरोप है कि जून 2025 में पालिकाध्यक्ष बनाने का भरोसा देकर 60 लाख रुपये लिए गए थे। बाद में जब राशि वापस मांगी गई तो विधायक और उनके सहयोगी ने कथित रूप से धमकाया और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 20 जुलाई 2026 को पीलीबंगा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद रुपये लौटाने की मांग करने पर विवाद हुआ और शिकायतकर्ता पक्ष को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई।
विधायक ने आरोपों को बताया निराधार
विधायक विनोद गोठवाल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें झूठा और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और उन पर लगाए गए रिश्वत लेने के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
CID-CB करेगी जांच
पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद अब इस प्रकरण की जांच सीआईडी-सीबी को सौंपी जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।