जयपुर: चूरू. जिले की कालिका टीम ने एक बार फिर मानवीय संवेदना का परिचय दिया है. चूरू कलेक्ट्रेट सर्किल के पास लावारिस अवस्था में मिली दस वर्षीय नाबालिग बालिका को उसके परिजनों तक पहुंचाया है. कालिका टीम प्रभारी कौशलल्या भादू ने बताया कि गश्त के दौरान कलेक्ट्रेट सर्किल के पास टीम पहुंची तो चाय की थड़ी के आगे 10 वर्षीय नाबालिग बालिका रोती हुई मिली.
कालिका टीम की पूनम और अन्य साथी ने जब नाबालिग से उसका नाम और घर पूछा तो उसने रोते हुए बताया कि वह झुंझुनू के हेतमसर, मौसी के घर रहती है. उसने आरोप लगाया कि उसके साथ मौसी मारपीट करती थी और उसी से परेशान होकर वह घर से निकल गई और बस में बैठ गई. टीम की प्रारम्भिक पूछताछ में नाबालिग बालिका रतनगढ़ तहसील के एक गांव की होना पाया गया, जिस पर टीम ने परिजनों से संपर्क साधा और नाबालिग बालिका को चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रभारी पन्ने सिंह को सौंपा. चाइल्ड हेल्प लाइन प्रभारी पन्ने सिंह ने बताया नाबालिग का स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई के लिए महिला थाना पुलिस को लिखा जाएगा. प्रभारी ने बताया प्रथम दृष्टया मामला बाल हिंसा का है, जिसमें दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी.