एक नंबर, तीन बसें! चूरू में परिवहन विभाग की महा-कार्रवाई, ‘अदृश्य’ असली बस की तलाश शुरू

Spread the love

चूरू। राजस्थान के चूरू जिले में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने एक ऐसे शातिराना फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है, जिसे सुनकर खुद अधिकारी भी दंग रह गए। विभाग ने सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रही तीन ऐसी बसों को पकड़ा है, जिन पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज था। टैक्स चोरी और अवैध कमाई के लिए यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली इन तीनों बसों को सीज कर दिया गया है।

​मुखबिर के इशारे पर बिछा जाल

​इस पूरे खेल का पर्दाफाश एक गुप्त सूचना के बाद हुआ। मुखबिर से मिली सटीक जानकारी के आधार पर आरटीओ इंस्पेक्टर रोबिन सिंह के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने घेराबंदी की। जब मौके पर जांच की गई, तो अधिकारी यह देखकर हैरान रह गए कि एक ही नंबर प्लेट का इस्तेमाल तीन अलग-अलग बसों के लिए किया जा रहा था।

​अलग-अलग रूटों पर चल रहा था ‘गोरखधंधा’

​पकड़े जाने से बचने के लिए बस संचालकों ने बहुत ही शातिराना तरीका अपनाया था। तीनों बसों को अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया था:

​पहली बस: चूरू-झुंझुनूं मार्ग पर सवारियां ढो रही थी।

​दूसरी बस: अडसीसर–झुंझुनूं रूट पर चलाई जा रही थी।

​तीसरी बस: एक स्कूल परिसर में छिपाकर खड़ी की गई थी।

​चेसिस नंबर गायब, असली बस की तलाश तेज

​विभाग के अनुसार, ये बसें पिछले 3 से 4 साल से अवैध रूप से चलाई जा रही थीं। जालसाजी की हद तो तब देखने को मिली जब अधिकारियों ने वाहनों की जांच की। बसों से चेसिस नंबर वाली पहचान प्लेट को कटर से बेहद शातिराना तरीके से काटकर गायब कर दिया गया था, ताकि उनकी मूल पहचान छिपाई जा सके।

​परिवहन विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पकड़ी गई तीनों बसें फर्जी हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि इस नंबर वाली ‘असली (ओरिजिनल) बस’ अभी भी कहीं और चल रही है, जिसकी तलाश के लिए विभाग ने जाल बिछा दिया है। आशंका जताई जा रही है कि आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) को सरेंडर या सस्पेंड कराने के बाद इस नंबर का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था।

​20 लाख तक का लगेगा जुर्माना, दर्ज होगी FIR

​अधिकारियों को अंदेशा है कि इन बसों को या तो कबाड़ (स्क्रैप) के सामान से दोबारा असेंबल किया गया है या फिर ये चोरी के वाहन हैं। बिना फिटनेस और बिना वैध दस्तावेजों के सड़कों पर दौड़ रही इन बसों के मालिकों पर विभाग 15 से 20 लाख रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाने की तैयारी में है। इसके साथ ही, बस ऑपरेटरों के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत पुलिस में मामला दर्ज कराया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *