जयपुर/बाड़मेर, 27 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राजस्थान में देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ बहनों के स्नेह और सम्मान का भाव देखने को मिला। जयपुर के आमेर स्थित सीआईएसएफ की आठवीं बटालियन में स्कूली छात्राओं और ब्रह्मकुमारी बहनों ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं बाड़मेर में भी छात्राओं ने जालीपा कैंट पहुंचकर सैनिकों को राखी बांधी।
जयपुर में कुंडा के पास स्थित सीआईएसएफ की आठवीं बटालियन में आयोजित कार्यक्रम वरिष्ठ कमांडेंट बीआर ढाका की अगुवाई में हुआ। छात्राओं और ब्रह्मकुमारी बहनों ने जवानों को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान कैंपस में उत्साह का माहौल रहा और बालिकाओं को उपहार भी भेंट किए गए।
राखी बनी सुरक्षा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक
कार्यक्रम में ब्रह्मकुमारी रोजी बहन ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जवानों की सेवा और सुरक्षा के कारण आम नागरिक अपने घरों में सुरक्षित जीवन जी पाते हैं। उन्होंने कहा कि राखी केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और जिम्मेदारी का संदेश भी देती है।
वरिष्ठ कमांडेंट बीआर ढाका ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति की सुंदर परंपराओं में से एक है। यह पर्व भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प को मजबूत करता है।
बाड़मेर में छात्राओं ने सैनिकों को बांधी राखी
बाड़मेर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बांदरा की ढाणी की छात्राओं ने जालीपा कैंट पहुंचकर सैनिक भाइयों की कलाई पर अपने हाथों से तैयार की गई राखियां बांधीं। छात्राओं ने सैनिकों को संदेश दिया कि परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करने वाले जवानों के साथ देश की करोड़ों बहनों का स्नेह और शुभकामनाएं हमेशा हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्य अनीता चौधरी ने बताया कि छात्राओं ने सैनिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और राष्ट्र सेवा के लिए मंगलकामनाएं कीं। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में बालिकाएं मौजूद रहीं।
‘वीर सैनिकों को राखी भेजें’ अभियान
भारत विकास परिषद स्वामी विवेकानंद शाखा, बाड़मेर ने भी ‘वीर सैनिकों को राखी भेजें’ अभियान के माध्यम से सीमाओं पर तैनात जवानों तक राखियां पहुंचाईं। शाखा अध्यक्ष जितेंद्र एस. बोथरा ने कहा कि राखी प्रेम, विश्वास, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। देश की रक्षा करने वाले सैनिकों तक बहनों का स्नेह पहुंचाना गौरव की बात है।
उन्होंने अभियान को प्रेरणा देने के लिए पोस्ट मास्टर राजेंद्र छाजेड़ का आभार जताया। छाजेड़ ने कहा कि सैनिक देश के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करते हैं और उन्हें राखी भेजना उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है।
रक्षाबंधन से पहले हुए इन आयोजनों ने सैनिकों और समाज के बीच स्नेह, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के रिश्ते को और मजबूत किया।