800+ छात्राओं का भविष्य: उच्च शिक्षा के लिए भीमड़ा और बाड़मेर जाने की मजबूरी पर जताया ध्यान।
गर्ल्स कॉलेज की मांग: सुरक्षा और आर्थिक बोझ से राहत के लिए नए कॉलेज की स्थापना का आग्रह।
9,500 महिलाओं का प्रतिनिधित्व: खनन क्षेत्र के परिवारों की सीमित आय के बीच महिलाओं के लिए रोजगार की पुरजोर पैरवी।
मंत्री का आभार: जनसमस्याएं सुनने बाड़मेर पहुंचे राज्य मंत्री के.के. विश्नोई का जताया धन्यवाद।
बाड़मेर। बाड़मेर क्षेत्र में आयोजित जनसुनवाई के दौरान शिक्षा और महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। राज्य सरकार के मंत्री के.के. विश्नोई की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में एक घूंघट पहने महिला ने पूरे आत्मविश्वास और प्रखरता के साथ क्षेत्र की बेटियों और महिलाओं के मुद्दों को मंच से उठाया।
दूर-दराज़ की पढ़ाई बनी चिंता का सबब
महिला ने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि वर्तमान में 800 से अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए भीमड़ा या बाड़मेर जैसे दूर-दराज़ इलाकों में जाने को मजबूर हैं। लंबी दूरी के सफर के कारण जहां एक ओर परिजनों को बेटियों की सुरक्षा की लगातार चिंता बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर इसका सीधा असर परिवारों के आर्थिक बजट पर भी पड़ता है। उन्होंने मंत्री से मांग की कि स्थानीय स्तर पर जल्द से जल्द गर्ल्स कॉलेज या नया राजकीय महाविद्यालय स्थापित किया जाए, ताकि बेटियां सुरक्षित माहौल में अपने ही क्षेत्र में पढ़ाई पूरी कर सकें।
रोजगार और आर्थिक मजबूती पर जोर
लगभग 9,500 महिलाओं के संगठन का प्रतिनिधित्व करते हुए महिला ने क्षेत्र की आर्थिक समस्याओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र में काम करने वाले अधिकतर मजदूरी करने वाले परिवारों की दैनिक आय महज 600 से 700 रुपये तक सीमित है। बढ़ती महंगाई के इस दौर में इतनी कम आय में घर चलाना बेहद मुश्किल हो चुका है। ऐसे में यदि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे अपने परिवारों की आर्थिक रीढ़ बन सकती हैं।
विकास कार्यों में सहयोग और विश्वास की अपील
अपने संबोधन के अंत में महिला ने दूर-दराज़ के गांव में आकर जनसमस्याएं सुनने के लिए मंत्री के.के. विश्नोई एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। क्षेत्र के राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय विरोध प्रदर्शनों से किसी भी राजनीतिक दल या पूरी पार्टी की छवि को गलत नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने आम जनता से विकास की प्रक्रिया में सहयोग देने और विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया।