बाड़मेर: राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थापित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। लगभग 79,459 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का राष्ट्र को समर्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को करेंगे।
यह परियोजना प्रतिवर्ष 9 मिलियन टन रिफाइनिंग और 2.4 मिलियन टन पेट्रोकेमिकल उत्पादन की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में रिफाइनिंग क्षमता घट रही है, यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास को नई मजबूती देगी।
रिफाइनरी में कच्चे तेल की प्रोसेसिंग 12 जून से शुरू हो चुकी है। फिलहाल कई प्रमुख प्रोसेस यूनिट संचालन में हैं, जबकि अन्य इकाइयों का कमीशनिंग कार्य अंतिम चरण में है। शुरुआती चरण में नैफ्था और एलपीजी का उत्पादन भी शुरू हो चुका है।
निर्माण के पैमाने की बात करें तो इस परियोजना में लगभग 3 लाख मीट्रिक टन स्टील, 16 लाख घन मीटर कंक्रीट और करीब 1.5 करोड़ घन मीटर मिट्टी की खुदाई की गई। इसके अलावा लगभग 28 हजार किलोमीटर लंबी केबल बिछाई गई है। परिसर में स्थापित 125 मीटर ऊंचा कोक डोम भी इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri के अनुसार यह देश में पिछले एक दशक में स्थापित पहली रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल परियोजना है। उनका कहना है कि यह परियोजना न केवल घरेलू ईंधन उत्पादन बढ़ाएगी बल्कि पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में भी भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करेगी।
प्रधानमंत्री Narendra Modi 4 जुलाई को पहले जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वे हेलिकॉप्टर से पचपदरा पहुंचकर एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस कार्यक्रम को राजस्थान के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।