मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में 14 गौसेवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद बारां में बंकट सेना ने वाहन रैली निकालकर विरोध जताया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सजा माफी की मांग उठाई।
बारां जिला कलेक्ट्रेट में बंकट सेना के पदाधिकारियों और गौसेवकों ने जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर नर्मदापुरम मामले में सजा माफ करने की मांग की।
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में चार वर्ष पुराने एक मामले में 14 गौसेवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद विभिन्न गौसेवी संगठनों में नाराजगी का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में बारां में बंकट सेना के नेतृत्व में गौसेवकों एवं धर्मप्रेमियों ने वाहन रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार, बंकट सेना के अध्यक्ष डब्ल्यू बजरंगी के नेतृत्व में बंकट व्यायामशाला से वाहन रैली का आयोजन किया गया। रैली में बड़ी संख्या में गौसेवक एवं धर्मप्रेमी शामिल हुए, जो जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
बंकट व्यायामशाला के अध्यक्ष भुवनेश सोनी ने इस दौरान कहा कि मध्यप्रदेश में हिंदुत्व की भावना के साथ सरकार बनने के बावजूद गौसेवकों को आजीवन कारावास की सजा दिया जाना कई सवाल खड़े करता है। वहीं व्यायामशाला के पूर्व अध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि यदि गौसेवा और गोरक्षा को अपराध माना जाता है तथा संबंधित 14 गौसेवकों को दोषी माना गया है, तो देशभर में बड़ी संख्या में गौसेवा से जुड़े लोगों के बीच इसे लेकर चिंता और असंतोष का वातावरण है।
समाजसेवी एवं शिवसेना से जुड़े चंदन सिंह महाराजा ने भी मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि संबंधित गौसेवकों की सजा माफ नहीं की जाती है तो देशभर में व्यापक स्तर पर आंदोलन की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को लेकर गौसेवकों में रोष व्याप्त है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बंकट व्यायामशाला के संरक्षक ओमप्रकाश शर्मा, अध्यक्ष भुवनेश सोनी, पूर्व अध्यक्ष योगेश शर्मा, बंकट सेना के पूर्व अध्यक्ष निक्कू गोठवाल, अभी राठौर, मोनू बंकट, समाजसेवी चंदन सिंह महाराजा, कुनाल पांचाल, जयेश नागर सहित संगठन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
यह घटनाक्रम नर्मदापुरम मामले में सुनाए गए न्यायिक फैसले के बाद उत्पन्न प्रतिक्रियाओं का हिस्सा माना जा रहा है। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर संबंधित 14 गौसेवकों की आजीवन कारावास की सजा माफ किए जाने की मांग की है।