9 साल की अंजलि दुनिया से विदा होकर भी बनी तीन जिंदगियों की उम्मीद, अंगदान से अमर हुई बेटी
पिता ने बेटी की पार्थिव देह थामी तो छलक पड़े आंसू, माता-पिता के साहसिक फैसले ने दिया तीन लोगों को नया जीवन बाड़मेर/बालोतरा, 30 अगस्त 2026। बालोतरा की 9 वर्षीय अंजलि अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके अंग तीन जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद बन गए हैं। बेटी को खोने के…